बदायूं में दुकानों में नकबजनी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार
तीन दुकानों में लाखों की चोरी के मामले का खुलासा, तीन तमंचे और पांच कारतूस बरामद
बदायूं। शहर में दुकानों के ताले और दरवाजे तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक डीवीआर, तीन राउटर, तीन अवैध तमंचे 315 बोर, पांच जिंदा कारतूस और 14,167 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन दुकानों में हुई चोरी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 6/7 अगस्त 2026 की रात बदायूं शहर में तीन दुकानों को निशाना बनाया गया था। पहली घटना तहसील गेट स्थित प्रमोद जनरल स्टोर की है, जहां जंगला तोड़कर दुकान में प्रवेश किया गया और नकदी, सोने के आभूषण तथा कॉस्मेटिक का सामान चोरी कर लिया गया। इस मामले में करीब एक लाख रुपये नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
दूसरी घटना स्टेशन रोड स्थित प्रभात नारायण जनरल मर्चेंट की है। यहां छत का दरवाजा काटकर दुकान में रखे करीब पांच लाख रुपये नकद और अन्य सामान चोरी किए जाने की सूचना दी गई थी। वहीं, तीसरी घटना न्यू गांधी ड्राई फ्रूट्स की है, जहां ऊपर का दरवाजा तोड़कर करीब 17,500 रुपये नकद और सीसीटीवी कैमरा सिस्टम का डीवीआर व राउटर चोरी कर लिए गए थे।
इन घटनाओं के संबंध में थाना कोतवाली में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर पांच आरोपी दबोचे
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कादरी तिराहे के आगे कब्रिस्तान के पास एक खाली प्लॉट से आगे चकरोड पर ट्यूबवेल के पीछे से पांचों आरोपियों को चोरी की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरीश उर्फ हरिया, राकेश, हरीश पुत्र वर सिंह, सुनील पुत्र कान्ति और सुनील पुत्र सन्धू के रूप में हुई है। सभी आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पूछताछ में शहर बदल-बदलकर चोरी करने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे रेलगाड़ी या बस से अलग-अलग शहरों में पहुंचते थे। पहले शहर में घूमकर ऐसी दुकानों की पहचान करते थे, जहां पीछे के रास्ते से प्रवेश करना आसान हो। इसके बाद रात में दुकानों में घुसकर नकदी और कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे।
आरोपियों ने कथित तौर पर अगस्त में बदायूं की तीन दुकानों में चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, चोरी की रकम आपस में बांट ली गई थी और उसका अधिकांश हिस्सा खर्च कर दिया गया। पूछताछ में तमिलनाडु के सलेम शहर में भी दुकान में चोरी करने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज होने का रिकॉर्ड मिला है।
तीन तमंचे और पांच कारतूस भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक डीवीआर, तीन राउटर, तीन अवैध तमंचे 315 बोर, पांच जिंदा कारतूस और कुल 14,167 रुपये बरामद किए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 249/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और आयुध अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
तीन टीमों ने की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक माधो सिंह बिष्ट, स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह तथा सर्विलांस प्रभारी निरीक्षक अरिहंत कुमार सिद्धार्थ अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
























