सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ एएसपी सिटी ने किया संवाद, बोले—‘पहले सत्यापन, फिर प्रसारण’
साइबर अपराध, महिला-बाल सुरक्षा, यातायात और सामाजिक सद्भाव को लेकर जिम्मेदार सोशल मीडिया इस्तेमाल पर जोर
बदायूं। सोशल मीडिया की बढ़ती पहुंच और प्रभाव को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में जनपद के लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक की। बैठक में सोशल मीडिया के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग के साथ ही साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात जागरूकता तथा सामाजिक सद्भाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एएसपी सिटी ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन और सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, बल्कि जनजागरूकता, सकारात्मक सोच और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच है। बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रखने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सामाजिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से पुलिस के मिशन शक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात जागरूकता, साइबर सुरक्षा और अन्य जनहितकारी अभियानों को अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
साइबर ठगी से बचाव का संदेश पहुंचाने की अपील
बैठक में साइबर अपराध को प्रमुखता से उठाया गया। एएसपी ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी जानकारी के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया के माध्यम से सरल और प्रभावी जागरूकता संदेश आमजन को सतर्क करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर ठगी की जानकारी समय से पुलिस को दें।’
भ्रामक खबरों पर लगाम, फैक्ट चेक के बाद ही करें पोस्ट
एएसपी सिटी ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदार कंटेंट प्रसारित करने और फैक्ट चेकिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी घटना, वीडियो, फोटो या दावे को बिना सत्यापन के वायरल करने से गलत सूचना फैल सकती है, जिसका असर कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति पर पड़ सकता है।
उन्होंने अपील की कि किसी भी सूचना को पोस्ट करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि की जाए, अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी से बचा जाए तथा संवेदनशील मामलों में पीड़ित की पहचान या निजी जानकारी सार्वजनिक न की जाए। साथ ही आपत्तिजनक, अश्लील, हिंसक या वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री से दूरी रखने की बात कही।
सोशल मीडिया बने पुलिस-जनता के बीच मजबूत कड़ी
बैठक में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। एएसपी ने कहा कि किसी समुदाय, वर्ग अथवा व्यक्ति के संबंध में ऐसी सामग्री प्रसारित नहीं की जानी चाहिए, जिससे अनावश्यक विवाद या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने में सोशल मीडिया प्रभावी माध्यम बन सकता है। इन्फ्लुएंसर्स अपराध, साइबर फ्रॉड, महिला-बाल सुरक्षा अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी को उचित माध्यम से पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मौजूद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से पुलिस के जनजागरूकता अभियानों को अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रसारित करने का आह्वान किया गया। बैठक का मुख्य संदेश रहा कि जिम्मेदार डिजिटल कंटेंट समाज को जागरूक और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
























