बलिया फोरलेन के प्रस्ताव में 73 गांव शामिल, रतनपुरा बाजार और रसड़ा नगर को फिलहाल राहत
रतनपुरा क्षेत्र के 40 और रसड़ा क्षेत्र के 33 गांव सूची में; अंतिम एलाइनमेंट और भूमि अधिग्रहण अधिसूचना का इंतजार
संजीव सिंह | बलिया/रसड़ा/रतनपुरा। प्रस्तावित फोरलेन मार्ग को लेकर सामने आए संबंधित दस्तावेज में कुल 73 ग्रामीण संवर्गों के नाम दर्ज होने से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। दस्तावेज के अनुसार रतनपुरा क्षेत्र के 40 और रसड़ा क्षेत्र के 33 गांव प्रस्तावित मार्ग से जुड़े हैं। हालांकि रतनपुरा बाजार और रसड़ा नगर के मुख्य बाजार का नाम सीधे तौर पर सूची में नहीं होने से स्थानीय व्यापारियों और नगरवासियों ने फिलहाल राहत की सांस ली है।
दस्तावेज में रतनपुरा क्षेत्र के अंतर्गत क्रमांक 17 से 40 तक नेवादा, कुन्हापुर, पहसा मोहिउद्दीनपुर, दिलशादपुर, जमालपुर, चक हुसैन, रसूलपुर, मझौली, मेरा सफीपुर, हलधरपुर, ढोलवन, मुहवा, सिकरिया, करउत, भुडसुरी, डीह तिलक ठाकुर, पह देवजीत, अल्का परास, चेड़ीपुर, धरमागतपुर, नसीरपुर, गुलौरी, उमरपुर और कंसो सहित 24 नाम दर्ज हैं।
वहीं रसड़ा क्षेत्र की सूची में चक कटियारी मुस्तफाबाद, चक कटियारी नरनी, नियामतपुर, पटना, कैलीपाली, देवसालपुर, महतवार, भिखारीपुर, रसूलपुर, नरायनपुर, सुलुई टी. पचवार, छितनहरा, रसड़ा अंदर, रसड़ा बाहर, पूरा ढलाई तिवारी, अखनपुरा, बादीपुर, बनिया बांध अंदर, बनिया बांध बाहर, पुरामनियार तिवारी, रामपुर, दिगरचा, सकरी, नगपुर, सदौली, ठाकुरेआ, अमहर पट्टी दक्षिण, हरपुर, माधोपुर, भेलई, बुरहवा, रेखन और गुरगुजपुर शामिल हैं।
बाजार और नगर क्षेत्र को लेकर असमंजस बरकरार
दस्तावेज में ‘रसड़ा अंदर’ और ‘रसड़ा बाहर’ जैसी प्रविष्टियां शामिल होने के बावजूद इसे रसड़ा नगर या बाजार क्षेत्र के पूरी तरह अधिग्रहण से मुक्त होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। स्थानीय स्तर पर अभी अंतिम एलाइनमेंट, सीमांकन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हुई है।
व्यापारियों का कहना है कि मुख्य बाजार का नाम सीधे सूची में नहीं होने से उन्हें फिलहाल राहत मिली है, लेकिन वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अंतिम नक्शे और शासन की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं।
जमीन और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में चर्चा
प्रस्तावित फोरलेन से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद संभावित प्रभावित गांवों में जमीन, मुआवजा और स्थानांतरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से प्रस्तावित मार्ग की वास्तविक स्थिति और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी लेने की तैयारी में हैं।
वहीं व्यापारिक संगठनों की ओर से प्रशासन से मांग की गई है कि फोरलेन का अंतिम एलाइनमेंट तय करने से पहले स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और अन्य प्रभावित हितधारकों की राय भी ली जाए, ताकि विकास परियोजना के साथ स्थानीय हितों का भी समुचित ध्यान रखा जा सके।
अंतिम तस्वीर अधिसूचना के बाद होगी साफ
फोरलेन को लेकर फिलहाल सामने आया दस्तावेज प्रस्तावित स्थिति की जानकारी देता है। अंतिम एलाइनमेंट, सीमांकन रिपोर्ट और भूमि अधिग्रहण की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन गांवों, आबादी क्षेत्रों, बाजारों और जमीनों पर वास्तविक प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में रतनपुरा बाजार और रसड़ा नगर के संबंध में मिली मौजूदा राहत को फिलहाल अस्थायी ही माना जा रहा है।
























