बदायूँ/उझानी।नशामुक्त व्यक्ति बदलता है, पूरे परिवार और राष्ट्र की दिशा : संजीव कुमार शर्मा

नशामुक्त व्यक्ति बदलता है, पूरे परिवार और राष्ट्र की दिशा : संजीव कुमार शर्मा

बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ, समय और संस्कार दें : राम मोहन शर्मा

युवाओं के श्रेष्ठ संस्कार और दृढ़ संकल्प से बनेगा भारत नशामुक्त : पुष्पा

– बीड़ी पीकर खांस रहा है, मौत के आगे नाच रहा है। नारे लगाए, युवाओं ने नशा न करने का लिया संकल्प 

बदायूँ/उझानी । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र पर नशामुक्त भारत महाअभियान के अंतर्गत युवाओं, आत्मीय परिजनों एवं मातृशक्तियों ने नशे से स्वयं दूर रहने और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

नरौरा सेवा केंद्र से आईं बहन सुश्री पुष्पा ने कहा कि नशा मनुष्य की विवेक शक्ति और आत्मविश्वास को कमजोर कर उसे धीरे-धीरे परिवार और समाज से दूर कर देता है। नशे की आदत से घर की खुशियां उजड़ती हैं और बच्चों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि आत्मबल, सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और ईश्वर स्मरण को जीवन का आधार बनाकर नशे जैसी बुराई से बचा जा सकता है। युवा अपने जीवन का लक्ष्य ऊंचा रखें और अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं।

विशिष्ट अतिथि देवनरी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राममोहन शर्मा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। जिस देश का युवा स्वस्थ, शिक्षित, अनुशासित और चरित्रवान होता है, वह देश निरंतर प्रगति करता है। नशा युवाओं की प्रतिभा और संभावनाओं को नष्ट करने वाली सामाजिक बुराई है। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा ही न दें, बल्कि उन्हें समय, संस्कार और सही दिशा भी दें।

        विशिष्ट अतिथि स्काउट संस्था के जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि युवा राष्ट्र की महाशक्ति हैं। जिस देश के युवा स्वस्थ, संस्कारी, अनुशासित और नशामुक्त होंगे, वह देश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। आज आवश्यकता है कि युवा नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, योग, कौशल विकास, सेवा और राष्ट्र निर्माण में लगाएं। उन्होंने कहा नशे से मुक्त एक व्यक्ति केवल अपना जीवन नहीं बदलता, बल्कि परिवार, पूरे राष्ट्र की दिशा बदलता है। नशामुक्त युवा भारत की आशा हैं, संस्कारित युवा भारत की शक्ति हैं और संकल्पवान युवा भारत के स्वर्णिम भविष्य के निर्माता हैं।

बहन मीरा ने अतिथियों को ओम शांति महामंत्र का पटका पहनाकर, प्रसादी एवं सद्वाक्यों का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बहन रागनी और बहन अंजना ने तिलक लगाकर पुष्पवर्षा से अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बहन अंजू, बहन अंबिका, घनश्याम के अलावा अनेक युवा, आत्मीय परिजन और मातृशक्तियां मौजूद रहीं।

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