बेसिक शिक्षा विभाग में कूटरचित जाति प्रमाण-पत्र पकड़ाने पर सहायक अध्यापक बर्खास्त; बीएसए ने FIR और वेतन रोके जाने के दिए निर्देश
संजीव सिंह बलिया बांसडीह । कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने के आरोप में प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार में तैनात सहायक अध्यापक जितेन्द्र राम को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी, बांसडीह को निर्देश दिया है कि बर्खास्त अध्यापक से विद्यालय के शासकीय अभिलेख तथा कार्यभार तत्काल अपने कब्जे में लें और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराकर मामलों की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को भी तत्काल प्रभाव से जितेन्द्र का वेतन रोकने तथा यदि कोई अतिरिक्त वेतन भुगतान हुआ हो तो उसकी वसूली कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए की इस कड़ी कार्रवाई से विभागीय गलियारे में हड़कम्प मच गया है।
किस्से का खुलासा
आदेश के अनुसार रत्तोपुर निवासी त्रिभुवन नारायण सिंह ने जिलाधिकारी, बलिया के समक्ष जनसुनवाई के दौरान शिकायत दाखिल की थी कि रत्तोपुर निवासी जितेन्द्र राम ने अपने जाति प्रमाण-पत्र में फर्जीवाड़ा कर खरवार (अनुसूचित जनजाति) का प्रमाण-पत्र बनवाया है और इसी दस्तावेज के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाई है। शिकायत में दावा किया गया था कि वास्तव में जितेन्द्र राम कमकर जाति से संबंधित हैं।
जांच में सच्चाई
शिकायत के अनुक्रम में बीएसए ने जितेन्द्र के जाति प्रमाण-पत्र संख्या-63310500725 का सत्यापन तहसीलदार-मजिस्ट्रेट, तहसील रसड़ा को भेजा। तहसील कार्यालय से प्राप्त सत्यापन आख्या में उल्लेख है कि जांच के बाद जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, बलिया ने जितेन्द्र के भाई अरविन्द कमकर के खरवार जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त कर दिया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जितेन्द्र राम खरवार नहीं, बल्कि कमकर जाति से संबंध रखते हैं।
पक्ष-प्रतिक्रिया और बर्खास्तगी
बीएसए ने जितेन्द्र को अपने पक्ष में स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण को तथ्यहीन पाया गया। आदेश में कहा गया है कि जितेन्द्र ने वास्तविक जाति कमकर को छिपाकर खरवार जाति का प्रमाण-पत्र में कूटरचना कर विभाग व जनसरोकारियों को गुमराह किया। इसलिए विभाग ने उसकी नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य मानते हुए सेवा समाप्त कर दी है।
प्रभाव व आगे की कार्रवाई
स्थानीय शिक्षा महकमे में इस मामले ने चिंता बढ़ा दी है। बीएसए द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा वेतन व दस्तावेजों की रिकवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। इस मामले में संबंधित थाना और विभागीय जांच अभी जारी है।
























