बच्चों को मध्यान्ह भोजन में रोटी-सब्जी थाली की जगह हाथों में दिये जाने के वायरल फोटो पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाया, स्कूल के समस्त शैक्षिक स्टाफ व रसोइयों को बुलाकर मांगा स्पष्टीकरण
संजीव सिंह बलिया। शिक्षा क्षेत्र सीयर के सरकारी स्कूल में मध्यान्ह भोजन वितरण के दौरान बच्चों के हाथों में थाली-सब्जी पकड़े हुए वायरल फोटो के मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने संज्ञान लिया है और संबंधित विद्यालय के सभी शैक्षिक स्टाफ तथा रसोइयों को अपने-अपने स्पष्टीकरण के साथ तलब कर लिया है। बीएसए ने कहा कि आपसी रंजिश में इस प्रकार की हरकत अक्षम्य है और इससे विद्यालय व विभाग की छवि धूमिल हुई है।
घटनास्थल व पृष्ठभूमि:
बीएसए ने बताया कि वायरल फोटो शिक्षा क्षेत्र सीयर के कम्पोजिट विद्यालय पलिया का है। प्रकरण की जांच आख्या खण्ड शिक्षा अधिकारी, सीयर द्वारा प्रेषित की गई है। विद्यालय पर कुल 15 कार्मिक कार्यरत हैं — 08 सहायक अध्यापक, 02 अनुदेशक, एक शिक्षा मित्र और 04 रसोइये। वर्तमान सत्र में विद्यालय में 154 छात्र हैं तथा मध्यान्ह भोजन के लिए 160 थालियां उपलब्ध हैं।
बीएसए के अनुसार वायरल फोटो 20 अप्रैल 2026 की घटना से संबंधित है। यह तस्वीर विद्यालय पर कार्यरत अनुदेशिका श्रीमती निर्मला भारती के मोबाइल की डिलीट हुई तस्वीरें रिस्टोर करने पर मिली। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि अनुदेशिका ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को ब्लैकमेल करने की नियत से बच्चों की असहज स्थिति का लाभ उठाकर फोटो बनाया था और बाद में बिना विभाग को सूचित किए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
जांच में मिली बातें:
बीएसए ने कहा कि चारों रसोइयों द्वारा बच्चों को पंक्तिबद्ध बैठाकर भोजन वितरित कराने में लापरवाही पाई गई। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण देवी, शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षा मित्र ने भी छात्रों पर उचित ध्यान नहीं दिया, जो विभागीय दायित्वों के प्रति उनकी घोर लापरवाही का द्योतक है। साथ ही, विद्यालय में प्रभावी नेतृत्व का अभाव भी संज्ञान में आया है।
आदेश व सुनवाई:
बीएसए ने निर्देश दिया है कि समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइया अपने-अपने स्पष्टीकरण लेकर तथा प्रभारी प्रधानाध्यापिका अपना स्पष्टीकरण व एमडीएम पंजिका सहित अधोहस्ताक्षरी कार्यालय कक्ष में 01 अगस्त 2026 को अपराह्न 03:30 बजे सुनवाई के लिए उपस्थित रहें। निर्धारित तिथि पर ससमय उपस्थित नहीं होने की दशा में नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

