हर बच्चे को मिलेगा न्याय का अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
लखनऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “चाइल्ड-फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रेन स्कीम, 2024” के तहत प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क, सुलभ, सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के प्रभारी सचिव श्री जीवक कुमार सिंह ने बताया कि यह योजना विधि के उल्लंघन का आरोप झेल रहे बालकों, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों, बाल श्रम, मानव तस्करी, दुर्व्यवहार, लैंगिक हिंसा, बाल विवाह, दिव्यांग, अनाथ, परित्यक्त, गुमशुदा तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए लागू है। ऐसे सभी पात्र बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित पैनल अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC), पैरा-लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) एवं अन्य प्रशिक्षित विधिक कर्मियों के माध्यम से बच्चों को न्यायालयीन कार्यवाही के प्रत्येक चरण में सहयोग दिया जाता है। साथ ही परामर्श, पुनर्वास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
प्रभारी सचिव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समितियों, फ्रंट ऑफिस, पुलिस थानों, बाल न्याय बोर्ड (JJB), बाल कल्याण समिति (CWC), जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), वन स्टॉप सेंटर तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को समयबद्ध और प्रभावी विधिक सहायता मिले।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी बच्चे को विधिक सहायता, संरक्षण अथवा उसके अधिकारों से संबंधित किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ, निकटतम तालुका विधिक सेवा समिति, विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें।
जीवक कुमार सिंह ने कहा, “बच्चों के लिए विधिक सहायता कोई सुविधा नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक बच्चे के न्याय, सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”
























