हरदोई।रोडवेज बस ड्राइवरों की लापरवाही ने दो बच्चों से छीन लिया मां का सहारा पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत

रोडवेज बस ड्राइवरों की लापरवाही ने दो बच्चों से छीन लिया मां का सहारा पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत

घर जाने को रोडवेज में खड़ी थी महिला दो बसों के बीच फसकर पिस गई महिला कागजों से हुई पहचान

हरदोई : बीती शाम हरदोई के रोडवेज में बस चालकों की बड़ी लापरवाही के कारण बस का इंतजार कर रही एक महिला की दो बसों के बीच पिस कर दर्दनाक मौत हो गई इस दर्दनाक हादसे में जिस महिला की मौत हुई वह अपने पति की मौत के बाद अपने दो बच्चों का अकेला सहारा थी जिनके पालन पोषण को वह हरदोई स्थित एक फार्मा कंपनी में काम करके रोज हरदोई से उन्नाव आती जाती थी आज भी वह अपनी ड्यूटी पूरी करके अपने बच्चों के पास अपने घर जाने को रोडवेज पहुंची थी लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपने बच्चों से अब कभी नहीं मिल पाएगी।

जानकारी के अनुसार कोतवाली देहात क्षेत्र के खेतुई गांव में रहने वाली नेहा सिंह (32) एक फॉर्मा (दवा) कंपनी में काम करती थीं। जहां से डियूटी पूरी करके वह स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थीं। बस स्टैंड पर दो बसें एक साथ खड़ी थीं। तभी महिला दोनों के बीच से होकर निकलने लगी। अचानक दोनों बसों के ड्राइवरों ने अपनी-अपनी बस आगे बढ़ा दी। इससे महिला दोनों के बीच में फंस गई। जब तक दोनों ड्राइवर कुछ समझ पाते, महिला बसों के बीच फंसकर पिच्चा हो गई। खड़े-खड़े ही उसका सिर फट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद नेहा बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगीं। इस पर आसपास के लोग दौड़ पड़े। शोर मचाकर दोनों के ड्राइवरों को रोका, लेकिन तब तक नेहा बुरी तरह से पिच्चा हो चुकी थीं। उनका सिर दोनों बसों के बीच में फंसकर कुचल चुकी थी लोगों ने नेहा को बसों के बीच से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

10 वर्ष पूर्व पति की भी हादसे में गई थी जान दो बच्चों को पाल रही थी

अपनी भाभी की मौत की खबर मिलते ही नेहा के देवर वीरेश सिंह मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि हादसा दोनों बस ड्राइवरों की लापरवाही से हुआ है। बिना यह देखे कि सामने कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं, दोनों बसों को एक साथ आगे बढ़ा दिया गया। वीरेश ने बताया- भाभी नेहा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए नौकरी कर रही थीं। 10 साल पहले मेरे भाई (नेहा के पति) सर्वेश सिंह की भी हादसे में जान चली गई थी। उनकी भी डीसीएम और ट्रक के बीच फंसकर मौत हो गई थी। उनकी 15 साल की बेटी रिया सिंह और 11 साल का बेटा विवेक है। हादसे के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए।

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