शाहजहांपुर।अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथ्रिन व मेपरफ्लूथिन का भंडारण और बिक्री न करे कीटनाशी विक्रेता : संजय कुमार

अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथ्रिन व मेपरफ्लूथिन का भंडारण और बिक्री न करे कीटनाशी विक्रेता : संजय कुमार

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कहा घातक कीटनाशी का धड़ल्ले से उपयोग कर रही अगरबत्ती की कंपनियां

मुजीब खान

शाहजहांपुर : मच्छरों से बचाने के नाम पर आज अलग ब्रांडो से जो मच्छर अगरबत्तियां बाजार में विभिन्न नामों से उतार कर लोगो की जान से खिलबाड किया जा रहा है उसमें अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथ्रिन एवं मेपरफ्लूथिन का उपयोग हो रहा है। जिसे खेतों में भी डालने को प्रतिबंधित कर रखा गया है उपरोक्त बात जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने जनपद के समस्त कीटनाशी एवं रसायन विक्रेताओं को बताते हुए इस घातक कीटनाशक की बिक्री और भंडारण को साफ शब्दों में मना किया है ।

उन्होंने बताया कि अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा अनुभाग) कृषि निदेशालय उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों में अवगत कराया गया है कि, प्रदेश में ऐसी मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों का निर्माण और विक्रय किया जा रहा है। जिसमें अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथ्रिन एवं मेपरफ्लूथिन का उपयोग हो रहा है जिसे स्वीटनाइट डायनासोर श्री डेंगु किलर एवं कम्फर्ट ब्रांड के नाम से विक्रय भण्डारण वितरण उपयोग किया जा रहा है। जो विधिक प्रावधानों के अनुरूप नही है।

उन्होंने सभी कीटनाशी विक्रेताओं, सम्बन्धित प्रतिष्ठानों को निर्देशित किया करते हुए कहा कि, अपने प्रतिष्ठानों पर ऐसे उत्पाद जिसमें अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथिन एवं मेपरफ्लूथिन का उपयोग हो रहा है, उसका विक्रय/भण्डारण किसी भी दशा में न करें। यदि किसी प्रतिष्ठान पर उक्त उत्पाद पाये जाते हैं, तो सम्बन्धित के विरूद्ध ‘कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली 1971 के सुसंगत प्राविधानों के तहत विधिक कार्यवाही की जायेगी। जनपद के कृषकों एवं आम नागरिकों से अपील की जाती है कि, वे अपंजीकृत कीटनाशक डाईमेफ्लूथ्रिन एवं मेपरफ्लूथ्रिन युक्त उत्पादों का क्रय एवं उपयोग न करें।

मच्छर अगरबत्ती के नाम पर खुलेआम बिक रही मौत

मच्छरों के बढ़ते प्रकोप का फायदा उठाकर कुछ कम्पनियों द्वारा जल्द से जल्द मच्छर भगाने के लिए इसे घटक कीटनाशक का प्रयोग करना शुरू कर दिया जिसे कृषि विभाग द्वारा खेतों में भी डालने से मना करते हुए उसको प्रतिबंधित करते हुए उसका पंजीकरण तक नहीं किया लेकिन चंद पैसों का मुनाफ़ा कमाने के लालच में इंसान ही इंसान का दुश्मन बन बैठा है। इन प्राणघातक अगरबत्तियों के प्रयोग से जो लोग आराम की नींद सोने को उपयोग कर रहे धीरे धीरे यही आराम की नींद इन अगर बत्तियों की सहायता से उन्हें मौत की नींद की तरफ ले जा रही है। जिसके लिए शासन और प्रशासन ने भी हिदायत दे रखी है।

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