दावों की खुली पोल: जब भाजपाई ही रोने लगे बिजली का रोना
उपेन्द्र कुमार पांडेय
आजमगढ़। भाजपा सरकार और सत्ताधारी दल के बड़े-बड़े सूरमा मंचों से चीख-चीखकर दावा करते नहीं थकते कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था पहले से चकाचक है, बिजली का संकट इतिहास बन चुका है और जनता 24 घंटे रोशनी में नहा रही है।
लेकिन हकीकत कुछ और ही है जहां भाजपा नेता और कार्यकर्ता ख़ुद बिजली व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है।
भाजपाई खुद बदहाल बिजली व्यवस्था के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हो गए। नगर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में पिछले दो-तीन दिनों से बिजली कटौती ने त्राहि-त्राहि मचा रखी है। भीषण उमस और गर्मी के बीच जब जनता का सब्र टूटा, तो भाजपा नेताओं को भी अपनी साख बचाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अखिलेश कुमार मिश्र ‘गुड्डू’ के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता रामबाबू के दफ्तर जा धमका।
नेताओं के तेवर देख मुख्य अभियंता ने भी इन्हें वही घिसा-पिटा ‘आश्वासन का लॉलीपॉप’ थमा दिया।
उन्होंने जल्द बिजली व्यस्था दुरुस्त करने के साथ जर्जर तारों का स्टीमेट बनाकर कार्रवाई करने की बात भी कही।
अपनी ही सरकार के खिलाफ एक तरह से मोर्चा खोलने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में जिला महामंत्री पवन सिंह मुन्ना, जिला उपाध्यक्ष अवनीश मिश्रा, जिला कोषाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष मृगांक शेखर, मंडल अध्यक्ष शशिकांत विश्वकर्मा, बाबूराम चौहान, नगर महामंत्री नीरज सिंह, सभासद अवनीश चतुर्वेदी, सभासद पुरुषोत्तम सिंह, अभिषेक गुप्ता और मुंशी निषाद आदि शामिल रहे।
























