बलिया।बाबा बालखंडीनाथ धाम में परिवहन मंत्री के सान्निध्य में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का भव्य समापन

बाबा बालखंडीनाथ धाम में परिवहन मंत्री के सान्निध्य में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का भव्य समापन

 संजीव सिंह बलिया। — बाबा बालखंडीनाथ धाम, दिउली में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का रविवार को भव्य एवं संपूर्ण धार्मिक विधि के साथ समापन हुआ। अंतिम दिवस के मुख्य कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि संसार रूपी भवसागर से पार मिलने का एकमात्र मार्ग भगवान शिव की सच्ची भक्ति है।

कथा के दौरान पंडित प्रदीप ने कहा कि जिस प्रकार जेब में रखा धन किसी भी यात्रा को सुगम बनाता है, उसी प्रकार हृदय में शिव का वास जीवन की यात्रा को सफल बनाकर मुक्तिदायक बनता है। उन्होंने भगवान कार्तिकेय की श्रीशैलम यात्रा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि वन, पशु और पक्षियों के माध्यम से उन्हें सृष्टि के हर कण में ईश्वर का अस्तित्व अनुभूत हुआ। पंडित प्रदीप ने बताया कि 84 लाख योनियों में मानव जीवन ही ऐसा है जो भक्ति के द्वारा मोक्ष प्राप्त करने की क्षमता रखता है।

सोशल मीडिया पर भृगु ऋषि की जन्मभूमि को लेकर उठे सवालों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि साधना और तपस्या से प्राप्त सिद्धि को जन्म के समान माना जाता है, इसलिए भृगु ऋषि की तपस्थली को जन्मभूमि मानकर बलिया को उनकी जन्मभूमि बताया गया है। उन्होंने सात संख्या के आध्यात्मिक महत्व — सप्ताह के सात दिन, श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन धारण का सात दिन, तथा धार्मिक कथाओं का सामान्यतः सात दिवसीय स्वरूप — पर भी प्रकाश डाला।

पंडित प्रदीप ने राजा दक्ष और नारद मुनि के प्रसंगों का स्मरण करते हुए चेताया कि ईश्वर का अपमान करने वालों को उसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन जीवन में वही सुरक्षित रहता है जो भक्ति के तैरने का हुनर जानता है; जैसे तैराक जल में डूबता नहीं, उसी प्रकार शिव भक्त संसार रूपी भवसागर से पार पाता है। कथा के विश्राम से पूर्व उन्होंने चंचूला के पति बिन्दुक की मुक्ति, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य व उनके नामकरण का संक्षेप वर्णन भी प्रस्तुत किया।

समापन अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पंडित प्रदीप मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि अधिक मास वर्ष 2029 में एक बार फिर उनके श्रीमुख से शिव महापुराण कथा का आयोजन कराया जाएगा। मंत्री ने प्रदेश सरकार के साथी मंत्रियों डॉ. संजय निषाद व विजय लक्ष्मी गौतम, वाराणसी से पधारे जगद्गुरु 1008 सतुआ बाबा तथा जिला सहकारी बैंक उन्नाव के चेयरमैन अरुण सिंह का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कथा के लिए पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं के घर निःशुल्क एक लोटा जल पहुंचाने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालु शामिल रहे और कथा के दौरान लोगों ने गहन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजन के समापन पर भगवान शिव की आरती की गई और विधिवत रूप से अधिक मास शिव महापुराण कथा का समापन हुआ।

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