पीलीभीत : गन्ने के साथ गेंदे की खुशबू से महक रही किसान की तकदीर, प्राकृतिक खेती से बढ़ रही आय

 गन्ने के साथ गेंदे की खुशबू से महक रही किसान की तकदीर, प्राकृतिक खेती से बढ़ रही आय

डीसीओ ने ग्राम मारौरी में किसान द्वारा की गई प्राकृतिक बहुफसली कृषि प्रणाली का किया अवलोकन किया

मुजीब खान

पीलीभीत : सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर के ग्राम मारौरी खास में भूतपूर्व सैनिक प्रगतिशील किसान अनिल सिंह के प्रक्षेत्र का भ्रमण जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव द्वारा किया गया भ्रमण के दौरान जिला गन्ना अधिकारी द्वारा प्रगतिशील किसान अनिल सिंह द्वारा अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती एवं बहुफसली कृषि प्रणाली का अवलोकन किया गया अवलोकन के दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने के साथ गेंदे की फसल तैयार करके प्रगतिशील किसान दोहरे से अधिक लाभ प्राप्त कर रहे जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक हैं।

जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि प्रगतिशील किसान अनिल सिंह ने गन्ने के साथ गेंदा, उर्द, मूंग एवं भिंडी की सहफसली खेती कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि गन्ने के साथ प्रारम्भ में सरसों की खेती की गई थी। सरसों की कटाई के उपरान्त मूंग एवं उर्द की बुवाई की गई है तथा इन फसलों की कटाई के बाद गन्ने की कतारों के मध्य बासमती धान की रोपाई की जाएगी। इस प्रकार एक ही खेत से वर्ष भर विभिन्न फसलों के माध्यम से आय प्राप्त की जा रही है।

विशेष बात यह है कि सिंह द्वारा गन्ने एवं अन्य फसलों के उत्पादन में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक अथवा रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया गया है। उनके द्वारा पूर्णतया प्राकृतिक खेती अपनाई जा रही है, जिससे भूमि की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।

इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं सहफसली कृषि प्रणाली किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी है। पीलीभीत जनपद के ऐसे प्रगतिशील किसान अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती एवं सहफसली मॉडल अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया। भ्रमण के दौरान मनोज साहू, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बीसलपुर, राजेश कुमार, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर, प्रगतिशील प्राकृतिक कृषक जितेंद्र कुमार, सोनू तथा क्षेत्र के अन्य कृषक उपस्थित रहे।

गेंदे की खेती से आर्थिक लाभ के साथ नगण्य हो गया कीटो का प्रकोप

प्रगतिशील किसान अनिल सिंह ने अपने लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में गन्ने के साथ थाईलैंड प्रजाति के गेंदे की खेती की है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 किलोग्राम गेंदे के फूलों की बिक्री सीधे खेत से ही हो रही है। बाजार में गेंदे के फूल लगभग 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। गन्ने के साथ गेंदे की सहफसली खेती के कारण खेत में रोग एवं कीटों का प्रकोप भी नगण्य पाया गया है।

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