लखनऊ : जीवा आयुर्वेद जनता के साथ बड़ा छलावा : विज्ञापनों में बड़े बड़े दावे अंदर हो रही दवाओं के नाम पर लूट 

जीवा आयुर्वेद जनता के साथ बड़ा छलावा : विज्ञापनों में बड़े बड़े दावे अंदर हो रही दवाओं के नाम पर लूट 

डाक्टर व स्टाफ मरीजों से करते अभद्र व्यवहार मर्ज़ पूछने के जगह करते राजनीतिक चर्चा , दिखाते अपना रसूख 

पी. के. श्रीवास्तव 

लखनऊ : विज्ञापनों में बड़े बड़े दावे अंदर ढोल में पोल जी हां हम बात कर है लखनऊ के हज़रत गंज में संचालित जीवा आयुर्वेद हेल्थ क्लिनिक को जिसके विज्ञापनों से शहर के चौराहे से लेकर बाजारे बड़े बड़े होर्डिंग से पटे पड़े है जिन्हें देखकर ऐसा लगता है इस क्लिनिक में आने वाले मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा रही हो आने वाले मरीजों को आदर सत्कार किया जाता हो लेकिन जब इस क्लिनिक घुसो तो पर्चा बनवाने तक सब कुछ बेहतर रहता है लेकिन पर्चा बनने के बाद शुरू होता है मरीजों की बे कदरी का सिलसिला और जो मरीज एक बार आ जाता है वह दोवारा कभी आने की भी नहीं सोचेगा।

लखनऊ के हज़रत गंज में चल रहा जीवा आयुर्वेद हेल्थ क्लिनिक जिसमे मरीज के अंदर जाने के बाद सबसे पहले पर्चा बनवाया जाता है इसके बाद जब बारी आती है डाक्टर के देखने की तो डाक्टर मरीज से मर्ज के विषय में बाद में पूछते है पहले अपना रसूख दिखाते हुए मरीज को अपनी राजनीतिक पकड़ दिखा कर उसे अपने रूबाब में लेते है महंगी से महंगी दवाएं लिखकर अपने ही क्लिनिक में दवाएं लेने पर विवश करते है जब मरीज महंगी दवाएं लिखने में खुद की असमर्थ बताता है तो शुरू हो जाता मरीज के साथ अभद्र व्यवहार का सिलसिला पहले स्टाफ द्वारा मरीज से जबरन पर्चा छीनकर उसे अस्पताल से निकलजाने की बात कही जाती है हद तो तब होती है जब मरीज इसकी शिकायत डाक्टर से करने पहुंच जाता है तो सबसे डाक्टर उसे यह बताते है कि यह अस्पताल किसी के रहमो करम पर नहीं चल रहा न ही यहां कोई खैराती दवाखाना है यह निजी मालिक का अस्पताल है किसी सरकार द्वारा यहां कोई सहायता नहीं दी जाती जो तुम जैसे भिखमंगो का इलाज किया जाए जब जेब में पैसा नहीं तो चले काहे को आते है यह सब सुनकर मरीज भयभीत होकर अस्पताल से किसी तरह बच कर निकलने में ही अपनी भलाई समझता है।

गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का वायदा करने वाली योगी सरकार में और वह राजधानी में इस प्रकार से गरीबो को मूर्ख बनाकर जीवा जैसे क्लिनिक उनकी जेब पर डाका डालने का काम कर रहे जिन पर लगाम लगाना और उनको बंद कराना भी सरकार की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि इन लूट के केंद्रों को बंद करवाकर ही गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलकर सरकार का सपना साकार हो सकता है क्योंकि यह क्लिनिक खुलेआम अवैध धन उगाही करके बेकार से बेकार दवाओं को ऊंचे दामों पर बेच रहे है जिससे मरीज को फायदा तो नहीं मिलता हां उसकी जेब अवश्य ढीली होती है। इसलिए सरकार को इस ज्वलनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए इन लूट केंद्रों पर कार्यवाही करके प्रदेश की गरीब जनता को बेहतर इलाज के लालसे में आकर लुटने से बचाया जा सकता है।

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