अतिस्थौल्य (मोटापा) केवल वजन नहीं, मेद धातु की विकृति : आयुर्वेद

अतिस्थौल्य (मोटापा) केवल वजन नहीं, मेद धातु की विकृति : आयुर्वेद

अमर बहादुर सिंह ।बलिया (शहर नगरा)। आधुनिक जीवनशैली में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या को आयुर्वेद ने हजारों वर्ष पूर्व ही गंभीर रोग के रूप में वर्णित किया है। आयुर्वेदाचार्यों चरक, सुश्रुत और वाग्भट के अनुसार अतिस्थौल्य केवल शरीर का भार बढ़ना नहीं है, बल्कि मेद धातु की विकृति है, जिससे अनेक अन्य रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित श्लोक “अतिस्थौल्यापचीमेहज्वरोदरभगन्दरान् । काससंन्यासकुष्ठानि तृट्कृच्छ्राणि च दारुणान् ॥” के अनुसार अत्यधिक मोटापा प्रमेह (मधुमेह), उदर रोग, भगन्दर, कास, मूत्र विकार तथा अन्य गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मोटापे को डायबिटीज, फैटी लिवर, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा स्लीप एपनिया जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण मानता है।

आयुर्वेद के अनुसार मोटापे की चिकित्सा का मूल सिद्धांत है— “मेद, कफ और विकृत चयापचय को संतुलित करना।” वाग्भट ने कहा है कि ऐसी चिकित्सा अपनानी चाहिए जो मेद को कम करे, कफ का शमन करे तथा शरीर के संतुलन को बनाए रखे।

विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा नियंत्रण में जौ, कुल्थी, मूंग, छाछ तथा गुनगुना जल अत्यंत लाभकारी माने गए हैं। कुल्थी को आयुर्वेद में शक्तिशाली मेदहर बताया गया है, जबकि जौ को मोटापा नियंत्रण की श्रेष्ठ औषधि माना गया है। इन पदार्थों में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है।

आयुर्वेदिक ग्रंथों में त्रिफला, गिलोय, शुद्ध मधु तथा शिलाजीत का भी उल्लेख मिलता है। त्रिफला पाचन को सुदृढ़ करने, गिलोय चयापचय को बेहतर बनाने तथा मधु को ‘लेखन’ गुण वाला बताया गया है, जो अतिरिक्त मेद को कम करने में सहायक माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञ किसी भी औषधि के सेवन से पूर्व योग्य चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह देते हैं।

स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम, प्रतिदिन 8 से 10 हजार कदम चलना, योग, सूर्य नमस्कार तथा श्रम को भी अत्यंत आवश्यक बताया गया है। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि अग्नि को संतुलित करना, मेद को नियंत्रित करना, कफ का शमन करना और सम्पूर्ण स्वास्थ्य की स्थापना करना है।

स्वस्थ शरीर, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही मोटापे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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