बेतवा नदी पर रात में चल रहा था पुल निर्माण तभी आए आंधी तूफान ने छीन ली 6 मजदूरों की जान
भीषण गर्मी के कारण रात में कराया जा रहा था वेतवा नदी पर 900 मीटर लंबे पुल का निर्माण
मुजीब खान
हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मौजूद वेतवा नदी पर ललपुरा और कुरारा क्षेत्र को जोड़ने के लिए करीब 9 सौ मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा था भीषण गर्मी के कारण कार्यदायी संस्था द्वारा मजदूरों के सहूलियत देने और गर्मी से बचाने के उद्देश्य से रात में पुल निर्माण कराया जा रहा था लेकिन मजदूरों को यह क्या मालूम था मिल रही सहूलियत उनकी जान की दुशमन बन जाएगी कल रात आए भीषण आंधी तूफान और बारिश ने मजदूरों को बचने का मौका ही नहीं दिया तेज तूफान में निर्माणाधीन पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया और उसके भारी गार्टरो के बीच दबकर कार्य कर रहे 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई अब सवाल यह उठता है कि शासन प्रशासन द्वारा लगातार खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया जा रहा था लेकिन कार्यदाई संस्था ने मौसम के खराब होने की जानकारी को अनदेखा क्यों किया हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए मृत मजदूरों के मुआवजे का ऐलान करते हुए जांच की बात कही है।
आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के ललपुरा और कुरारा क्षेत्र को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और भीषण बारिश के कारण अचानक ढह गया इस हादसे में 6 मजदूरों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई. जबकि, तीन बुरी तरह घायल हो गए वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया राहत दल ने मलबे को हटाकर शवों को बाहर निकाला और पिलर पर फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बचाया
जानकारी के अनुसार एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़ा अभियान चलाया. इस हादसे में जान गंवाने वाले छह मजदूरों की पहचान बांदा के लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), भूरागढ़ के सावंत यादव (28), सभाजीत (30), हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। वहीं, हादसे के दौरान तीन मजदूर पुल के पिलर पर ही फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। एक मजदूर ने बताया कि पुल पर दो शिफ्ट में काम चल रहा था। आंधी आने पर पहली शिफ्ट के मजदूर पुल के नीचे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के सात मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, तभी अचानक यह दर्दनाक हादसा हो गया।
मुख्यमंत्री योगी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस हृदय विदारक घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद है और उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को राहत कार्य तेजी से चलाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का बड़ा ऐलान किया है।
निर्माण मानकों पर उठे सवाल, सपा ने की सीबीआई जांच की मांग
इस भीषण हादसे के बाद निर्माणाधीन पुल के स्लैब के नीचे मजदूरों के ठहरने और खराब मौसम के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के नेता आई.पी. सिंह ने हादसे का वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी ने छह मजदूरों की जान ली है। सपा नेता ने पीड़ितों के लिए दो-दो करोड़ रुपये और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
























