प्रीपेड उपभोक्ताओं के विरोध पर बैकफुट पर आई सरकार खत्म किया प्रीपेड सिस्टम अब पोस्टपेड होंगे सभी मीटर
हर माह की 10 तारीख को निकलेगा बिल 15 दिन के अंदर जमा करना होगा यूपी के 75 लाख उपभोक्ताओं को राहत
मुजीब खान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर को अचानक प्रीपेड कर देने से उत्तर प्रदेश 75 लाख उपभोक्ताओं को परेशानी बढ़ गई रिचार्ज खत्म होते विद्युत सप्लाई काटे जाने का विरोध सड़कों पर उतर आया और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं द्वारा इसका विरोध करते हुए अपने घरों से मीटर उखेड़कर फेंक दिए जिसको लेकर विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं पर मुकदमे लिखवा कर इस विरोध को खत्म करने की चाल चली लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा किया जा रहा प्रीपेड मीटर विरोध और बड़े स्तर पर पहुंचने लगा लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी रही प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने एक बार साफ तौर पर कह दिया कि प्रीपेड सिस्टम किसी हाल में बंद नहीं होगा लेकिन उपभोक्ताओं के लगातार बढ़ते विरोध के कारण सरकार को झुकना पड़ा और प्रीपेड मीटर व्यवस्था को खत्म करने के आदेश जारी करके उपभोक्ताओं को राहत देने काम किया।
इसकी जानकारी देने को उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कल देर शाम लखनऊ में आयोजित प्रेस मीटिंग में कहा कि अब बिजली विभाग की ओर से अभी तक जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें प्रीपेड नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अब तक प्रीपेड मोड में बदले गए मीटर भी पोस्टपेड होंगे। यानी जैसे पहले बिल आते थे वैसे ही आएंगे। स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने का झंझट नहीं होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुराने मीटर स्मार्ट से बदले जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें बिना उपभोक्ताओं की सहमति प्रीपेड किया जा रहा था। बीते साल सितंबर से नए बिजली कनेक्शन अनिवार्य तौर पर प्रीपेड मीटर के साथ दिए जा रहे थे। प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता परेशान थे। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे थे। लेकिन जनता की डिमांड और समस्या को देखते हुए प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त करने के आदेश दिए हैं। अब पहले की तरह मासिक बिल मिलेंगे। 75 लाख उपभोक्ता, जिनके स्मार्ट मीटर बिना सहमति प्रीपेड कर दिए गए थे, उन्हें पोस्टपेड में बदला जाएगा। इसके साथ सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक दिए जाएंगे। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद विच्छेदन की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बिल प्राप्त करने को ऊर्जा मंत्री ने जारी किए नंबर
ऊर्जा मंत्री न कहा कि जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय से बिल न मिले वे वितरण कंपनियों के नंबर पर कनेक्शन नंबर बताकर बिल प्राप्त कर सकेंगे।
पूर्वांचल – 8010968292; मध्यांचल – 7669003409;
पश्चिमांचल -7859804803दक्षिणांचल – 8010957826
केस्को – 8287835233 इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करके भी बिल प्राप्त किए जा सकेंगे। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी भी समस्या के निपटारे के लिए खंड और उपखंड स्तर पर कैंप लगाए जाएं।
निर्देशों बाद जबरन उपभोक्ताओं पर जबरन थोपे गए थे प्रीपेड मीटर
सीईए की अधिसूचना के बाद भी जारी थी व्यवस्था
पिछले संसद सत्र के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कर दिया था कि मीटर प्रीपेड होगा या पोस्टपेड यह चुनने का अधिकार उपभोक्ताओं का है। विद्युत अधिनियम – 2003 की धारा 47 (5) में यही व्यवस्था है। वहीं, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने भी अधिसूचना जारी करके मीटरों के प्रीपेड मोड में होने की बाध्यता समाप्त कर दी थी। एक अप्रैल को जारी अधिसूचना के बावजूद यूपी में प्रीपेड मोड में ही नए कनेक्शन दिए जा रहे थे। इसके खिलाफ राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग में याचिका दायर की थी। याचिका पर आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से जवाब तलब भी किया था। हालांकि, कॉरपोरेशन ने जवाब तो नहीं दिया, लेकिन उसके पहले ही मंत्री ने मीटरों के प्रीपेड होने की बाध्यता समाप्त कर दी।
चार किस्तों में जमा करवाई जाएगी सिक्योरिटी
पोस्टपेड मीटर में कनेक्शनधारकों से सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाती है जबकि प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि नहीं देनी होती है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले गए उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी। अब जब दोबारा प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदला जाएगा तो उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। एके शर्मा ने आदेश दिए हैं कि सिक्योरिटी राशि एकमुश्त न जमा करवाकर चार किस्तों में जमा करवाई जाए ताकि उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ न आए।
दर्ज मुकदमों की वापसी पर नहीं लिया कोई निर्णय
स्मार्ट मीटर प्रीपेड होने के विरोध पर जिन उपभोक्ताओं ने उन्हें उखेड़कर फेंक दिया उन पर विद्युत विभाग द्वारा मुकदमे दर्ज करवाए गए थे सरकार द्वारा प्रीपेड प्लान को समाप्त कर पोस्टपेड के आदेश तो कर दिए लेकिन दर्ज मुकदमों को वापसी पर अपना रुख जाहिर नहीं किया विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सरकार की मनमानी के चलते यह विरोध करना उपभोक्ताओं की मजबूरी बन गई थी इस लिए जब प्रीपेड को पोस्टपेड करने के आदेश जारी कर दिए गए है तो सरकार को दर्ज मुकदमों को भी वापस करना चाहिए।
























