
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान :प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक
संजीव सिंह बलिया।निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
























