
भाषा और गणितीय दक्षता के आकलन के माध्यम से जांचा जा रहा है बच्चों का सीखने का स्तर
संजीव सिंह बलिया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में चलाए जा रहे हैं निपुण भारत मिशन अभियान के अंतर्गत कक्षा एक तथा दो में अध्यनरत परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के समस्त बच्चों का भाषाई तथा गणित की आधारभूत संकल्पनाओं आकलन पूरे प्रदेश में 27 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है जो 14 फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाना है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षुओं द्वारा निपुण प्लस एप्लीकेशन के माध्यम से कक्षा 1 तथा 2 के विद्यार्थियों का पढ़ाई में समझदारी और अंकों की निपुणता के लिहाज से संचालित इस आकलन के माध्यम से प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा को सार्थक और आनंदमय बनाए जाने के उद्देश्य से संचालित यह कार्यक्रम बच्चों की बुद्धि और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चे निर्धारित उम्र और कक्षा के अनुरूप कितना सीख पाए हैं तथा कितना सीखना बाकी है यह सर्वांगीण विकास की नींव के रूप में स्थापित किया जाना है। यह मिशन सुनिश्चित करता है कि प्राथमिक स्तर पर बच्चे भाषा और संख्यात्मक कौशल में निपुण हो तथा मूल्यांकन के बाद कमजोर छात्रों के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके। निपुण विद्यालय आकलन जनपद में पारदर्शी तरीके से संचालित हो इसके लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य/ उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा लगातार पर्यवेक्षण किया जा रहा है। साथ ही जनपद स्तर तथा ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जिसमें किसी भी प्रकार की आने वाली चुनौतियों को निस्तारित करने हेतु टीम सक्रिय है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ता डॉ मृत्युंजय सिंह तथा डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सभी डी एल एड प्रशिक्षुओं से लगातार समन्वय स्थापित करते हुए आकलन को पारदर्शी तरीके से संचालित कराया जा रहा है। इस बार आयोजित हो रहे आकलन की खास बात यह है कि आकलन की शुरुआत आवंटित विद्यालय के परिसर में पहुंचने के उपरांत तथा सही लोंगिट्यूड एवं लट्टीट्यूड के होने पर ही प्रारंभ हो पा रहा है तथा कक्षा अध्यापक की सेल्फी एवं बीच-बीच में रेंडम तरीके से बच्चों के फोटोग्राफ को अपलोड करने पर ही संपन्न हो पा रही है। प्रशिक्षणार्थियों के लिए किसी भी असहज स्थिति हेतु SOS की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है जिसमें उन्हें तात्कालिक सहायता प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रोहुआ के प्रधानाध्यापक तथा पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र द्वारा बताया गया कि यह एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल है जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में उत्साह का माहौल है एवं सभी इस उत्सव में बढ़ चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं।
























