
आवत ही हर्षे नहीं नयन स्नेह तुलसी तहां न जाइए कंचन वर्षे मेह : आचार्य कामेश्वर पुरी
लखनऊ / महानगर के इंदिरा नगर में 14 से 20 अक्टूबर तक चलने वाली श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन भी हरिद्वार से आए श्री तुलसी मानस मंदिर के आचार्य कामेश्वर पुरी के वचनों को सुनकर श्रोतागण भाव विभोर होकर तालिया बजाने को विवश हो गए
महानगर के इंदिरा नगर के ए ब्लाक में स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आशीष सिंह दीनदयाल मिश्रा व प्रांजुल सिंह द्वारा आयोजित की जा रही श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन हरिद्वार से आए श्री तुलसी मानस मंदिर के आचार्य कामेश्वर पुरी ने शुकदेव महाराज ने तुलसी दास जी के दोहे का वर्णन करते हुए आवत ही हर्षे नहीं नयन स्नेह तुलसी तहां न जाइए कंचन वर्षे मेहनमा अर्थ बताते हुए कहा कि तुलसी दास जी कहते हैं कि जिस स्थान पर लोग आपके जाने से प्रसन्न न होवें और जहाँ लोगो कि आँखों में आपके लिए प्रेम अथवा स्नेह ना हो ऐसे स्थान पर भले ही धन की कितनी भी वर्षा ही क्यूँ ना हो रही हो आपको वहां नहीं जाना चाहिए इस दौरान आचार्य जी ने कहा कि इस दोहे का अर्थ यदि आपकी समझ में आ गया तो आज के सफल व्यक्तियों में आपकी गणना स्वाभाविक हैं। महराज कामेश्वर के भज मन नारायण, श्री मन नारायण नारायण नारायण धुन पर तालियों की थाप पर भक्तगण झूमने को विवश हो गए इससे पूर्व की कथा में कामेश्वर पूरी महराज द्वारा प्रथम दिन लोगों को हरि कथा का रसास्वादन कराया था कामेश्वर पूरी जी ने कहा कि हरि कथा कहने का प्रयोजन भगवान शंकर यही मंदिर पर विराजे श्री सिद्धेश्वर महादेव बाबा को कथा सुनने का है। क्योंकि हरि कथा सुनने ले सबसे बड़े रसिक तो अपने भोले बाबा ही हैं।कार्यक्रम के प्रथम दिन की शुरुवात सीतापुर से आए महामंडलेश्वर स्वामी विद्या चेतन जी ने दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सर्वप्रथम श्री सिद्धेश्वर बाबा की आरती के उपरांत व्यास पीठ की आरती की गई। इसके उपरांत कामेश्वर पूरी ने राधा कृष्ण भजन के माध्यम से लोगों को अनादित कर कथा के अनुकूल किया। जूना अखाड़े के महा मंडलेश्वर स्वामी यतींद्र जी ने कहा कि कथा श्रवण करने वाले को हरि कथा कहने वाले से अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है लेकिन आपकी सच्ची लगन होनी चाहिए।
आपको बताते चले कि आयोजक देखरेख में चल रही श्री मद भागवत कथा का समापन आगामी 20 अक्टूबर को होगा इस दौरान आयोजकों द्वारा सभी भक्तगणों से प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में आने का आग्रह किया गया है ।
























