Monday, February 16

बलिया।भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक को सजीव करने हेतु आयोजित किया जा रहा है सामाजिक विज्ञान का प्रशिक्षण

भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक को सजीव करने हेतु आयोजित किया जा रहा है सामाजिक विज्ञान का प्रशिक्षण

 संजीव सिंह बलिया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यालयी शिक्षा हेतु दिए गए सुझाव एवं उसके आधार पर निर्मित राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 मैं शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि शिक्षा को अधिक विद्यार्थी केंद्र बनते हुए छात्रों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाना अपेक्षित होगा इसी परिपेक्ष में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय /कंपोजिट विद्यालय में सामाजिक विज्ञान विषय का शिक्षण करने वाले शिक्षकों के शिक्षण कौशल संवर्धन हेतु देशांतरण नमक विकसित मॉड्यूल के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में संचालित हो रहा है।प्रशिक्षण के समापन समारोह पर सेवारत विभाग के प्रभारी डॉक्टर मृत्युंजय सिंह द्वारा शिक्षकों का आह्वान किया गया कि प्रशिक्षण में बताई गई बातों को बच्चों तक ले जाने में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा हमें अपनी भूमिका को समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करने में लगाना है। दिशांतरण प्रशिक्षण के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा बताया गया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल सामाजिक विज्ञान का ज्ञान प्रदान करना ही नहीं है अपितु विद्यार्थियों में सामाजिक एवं लोकतांत्रिक दृष्टिकोण ऐतिहासिक और सामाजिक समझ भौगोलिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता भारतीयता एवं राष्ट्र गौरव तथा आर्थिक अवधारणाओं का विकास करना भी है जिससे वह एक सक्रिय जिम्मेदार एवं विवेकशील नागरिक बनने के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में अपना सक्रिया योगदान कर सकें। भारतीय ज्ञान परंपरा में हमेशा से यह विश्वास किया गया है कि पढ़ना प्रशिक्षण प्राप्त करना आनंददायक हो रुचिकर हो तथा इस हेतु समूह चर्चा रोल प्ले आर्थिक आदि गतिविधियों का आयोजन करते हुए विद्यालय में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलाया जाए। विद्यालयों में सामाजिक विषय का शिक्षण करने वाले शिक्षक अपने अंदर अभिनव प्रयासों द्वारा एक नवीन आयाम को स्थापित करें इस हेतु और अधिक गुणवत्तापूर्ण सुझाव हमेशा से अपेक्षित रहना चाहिए। दिनांक 22 दिसंबर 2025 से संचालित प्रशिक्षण के इस बैच का समापन आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को हुआ जिसमें शिक्षा क्षेत्र नवानगर, मनियर, मुरली छपरा, बांसडीह एवं दुबहड के शिक्षकों द्वारा प्रतिभा किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ता डॉ जितेंद्र गुप्ता, अविनाश सिंह, देवेंद्र सिंह, जानू राम, डॉक्टर अशफाक, हलचल चौधरी, किरण सिंह तथा रवि रंजन खरे द्वारा प्रशिक्षण को रोचक बनाते हुए गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को पूर्ण मानव योग से प्रशिक्षित किया गया प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग हेतु पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्रा, संतोष कुमार तथा अवधेश चौहान की भूमिका सराहनीय रही।

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