अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ को संशोधित कार्यकारिणी व नियमावली पर वैधानिक मान्यता
संजीव सिंह बलिया!पटना/नई दिल्ली। बिहार के निबंधन विभाग ने अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (AIPTF) को उसके संशोधित उद्देश्य, नियमावली एवं कार्यकारिणी को वैधानिक मान्यता प्रदान कर दी है। पंजीकरण क्रमांक 14/1957-58 वाले इस संगठन को 5 दिसंबर 2025 को जारी प्रमाण-पत्र के माध्यम से अनुमोदन मिला है। वर्षों से देशभर के प्राथमिक शिक्षकों के हितों के लिए संघर्षरत यह संस्था अब और मजबूत हुई है।संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय के नेतृत्व में प्रस्तुत संशोधित स्मृति-पत्र (मेमोरेंडम) और नई कार्यकारिणी को निबंधक ने विधिवत स्वीकृति दी। इससे संगठन की वैधानिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, जो शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को केंद्र और राज्य स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने में सहायक होगी। AIPTF का पंजीकृत कार्यालय भुवनेश्वर शिक्षक सेवा सदन, एक्ज़ीबिशन रोड, पटना में है, जबकि दैनिक संचालन जगदीश मिश्र शिक्षक भवन, जनकपुरी, नई दिल्ली से होता है।मान्यता मिलते ही संघ ने उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के विभागों—मुख्यमंत्री कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय, बेसिक शिक्षा विभाग, गृह विभाग, वित्त विभाग, शिक्षा निदेशालय और जिला प्रशासन—को औपचारिक सूचना भेजी है। इसका उद्देश्य शिक्षक कल्याण और संगठनात्मक गतिविधियों में समन्वय सुनिश्चित करना है।AIPTF पदाधिकारियों ने इसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमावली से सेवा शर्तें, शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण, पदोन्नति, वेतनमान और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से बेहतर संवाद संभव होगा। आने वाले समय में शिक्षक हितों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा का विस्तार और नीतिगत सुधारों के लिए केंद्र-राज्य सरकारों के साथ सक्रिय संवाद तेज किया जाएगा।यह मान्यता संगठन की पारदर्शिता, लोकतांत्रिक संरचना और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को प्रमाणित करती है, जो शिक्षक समुदाय के लिए नई उम्मीद जगाती है।

