पूर्वांचल में आर्थिक विकास के साथ सामाजिक उन्नयन का नया युग शुरू होगा
उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डॉ. कृष्ण कुमार उपाध्याय से की महत्वपूर्ण चर्चा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प से मिलेगा संपूर्ण विकास
संजीव सिंह बलिया/ लखनऊ।पूर्वांचल विकास मंच के सँजोजक डा. कृष्ण कुमार उपाध्याय उर्फ़ कप्तान बाबा सोमवार को पूर्वांचल के विकास और बलिया जनपद के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात किया। साथ ही श्री पाठक को बुके भेंट कर शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर पत्रकार आशुतोष पाण्डेय से बातचीत मे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि हमें विकास की प्रक्रिया के साथ जुड़कर संभावनाओं को तलाशना होगा। टूरिज्म और क्षेत्र में रोजगार के अवसर सुलभ कराने होंगे। सर्विस सेक्टर में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रकृति की कृपा कहीं पर कम और कहीं पर ज्यादा हुई है। लेकिन, पूर्वांचल इस दृष्टि से बहुत ही समृद्धशाली है। हर एक तबके के व्यक्ति को आगे आकर विकास में सहभागी बनना होगा। युवाओं को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे में कैसे उम्मीद करते हैं कि हमारा युवा अपना खुद का स्टार्टअप स्टार्ट कर सके और आगे बढ़ सके। श्री पाठक ने कहा कि पूर्वांचल के सतत और समग्र विकास की कार्ययोजना बनानी होगी जिसमें सभी संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समन्वित योगदान देना होगा। कुछ लोगों की नकारात्मक सोच से पूर्वांचल गरीबी व पिछड़ेपन का शिकार रहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के मंथन में निकले निष्कर्ष पर नीति बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति बनाई जा रही है। आने वाले समय में पूर्वांचल में आर्थिक विकास के साथ सामाजिक उन्नयन भी दिखेगा। उन्होंने पूर्वांचल के समग्र व सतत विकास के लिए नियोजन विभाग और पूर्वांचल विकास बोर्ड को इस दिशा में हर संस्था को जोड़ने को प्रेरित किया।
पूर्वांचल के लिए संघर्ष करने वाले वरिष्ठ समाजसेवी डा. कृष्ण कुमार उपाध्याय ने कहा कि पूर्वांचल के सतत विकास को गति देने के लिए सरकार प्रतिबध्द दिखायी दे रही है। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये प्रयास है कि पूर्वांचल के विकास को गति दी जाए। उन्होंने बहुत तह तक जाकर जमीनी स्तर पर पूर्वांचल को आगे बढ़ाने की सोच पैदा की है। कई अनुभवी लोगों का विचार लेकर हर क्षेत्र में विकास का रास्ता खोला है। आने वाले समय में छोटे-छोटे उद्यमियों को बड़े पटल पर ले जाने के साथ किसानों की फसल के मिलने वाले दाम को दोगुना करने की योजना है। टेराकोटा और कालानमक चावल के निर्यात को बढ़ावा देंगे। निश्चित रूप से इस सोच के साथ पूर्वांचल तेजी से आगे बढ़ रहा है।
























