
इंसानियत आज भी है जिन्दा
संजीव सिंह बलियाl लाख जमाना बदल गया है, लोगों की सोच बदल गयी है, हर व्यक्ति जिंदगी की जद्दोजहद मे व्यस्त है, l
लेकिन भारत की सवा सौ करोड़ आबादी मे आज भी अच्छे इंसान और इंसानियत जिन्दा है l
बता दें कि नगरा ब्लाक के खरूआँव गांव मे मंगलवार कि रात या बुधवार कि भोर मे किसी अज्ञात वाहन ने एक बछड़े को टक्कर मार दिया था,जिसमे बछड़े का दाहिना पैर का निचला हिस्सा पूरी तरह चोटिल हो गया था और ख़ून टपक रहा था, हतास और निराश सडक किनारे कराह रहा था l
सुबह हुई लोग आते जाते देखते दुःख और सम्बेदना भी प्रकट करते लेकिन सारी सम्बेदनायें थोड़े समय के किये होती फिर अपने कार्यों मे लग जाते lतभी गांव के ही ईश्वर चंद प्रजापति कि नजर इस बछड़े पर पड़ी तो उनका हृदय द्रवित हो गया lआप ने बछड़े को दवा लगायी, अच्छे से पट्टी किया दवाई खिलाई l
जिससे बछड़े को काफ़ी आराम मिला l
इस पुनीत कार्य मे ईश्वर चंद जी का साथ नयन कुमार, मुकेश ठाकुर सहित अन्या लोगों ने भी दिया l
इस कार्य कि सभी लोगों ने सराहना किया और कहा कि आप का नाम ही ईश्वर नहीं है बल्कि आप के हृदय मे ईश्वर का वास भी है l
मानव वही है जो दुसरो के हृदयकि पीड़ा को समझ सके और मानवता ही जीवन का मूल है lआये दिन वाहनों से हो रहें आवारा पशुओ कि दुर्घटना एवं आवारा पशुओ से राहगीरों कि दुर्घटनाये चिंता का विषय है ।और सरकार के लिए एक चुनौती भी है l
























