आईजीआरएस में संतोषजनक फीडबैक नहीं, डीएम मंगला प्रसाद सिंह नाराज; सभी एसडीएम को तत्काल सुधार के निर्देश
संजीव सिंह बलिया।जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल पर मिल रहे फीडबैक और भौतिक सत्यापन की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देशित किया कि आईजीआरएस मामलों में तेजी लाई जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए।
तहसीलवार फीडबैक प्रगति चिंताजनक, 80 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित
फीडबैक समीक्षा में तहसील सदर और बांसडीह में 65-65 प्रतिशत, बैरिया में 51 प्रतिशत, रसड़ा में 66 प्रतिशत, सिकंदरपुर में 71 प्रतिशत और बेल्थरारोड में 74 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी तहसील में फीडबैक की स्थिति 80 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए और तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
भौतिक सत्यापन में भी पीछे कुछ तहसीलें, शत-प्रतिशत पूरा करने का आदेश
भौतिक सत्यापन की समीक्षा में बैरिया तहसील में 68 प्रतिशत, बांसडीह में 79 प्रतिशत, रसड़ा में 80 प्रतिशत और सिकंदरपुर में 83 प्रतिशत प्रगति पाई गई। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को भौतिक सत्यापन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए और कहा कि शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ मौके पर सत्यापन की प्रक्रिया भी गंभीरता से पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री संदर्भ में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शोकॉज नोटिस के निर्देश
मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को कड़ी फटकार लगाते हुए शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री संदर्भ की समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समयबद्ध निस्तारण पर जोर, तीन दिन में रिपोर्ट का लक्ष्य
जिलाधिकारी संदर्भ से संबंधित शिकायतों का निस्तारण निर्धारित 15 दिन की समय सीमा के भीतर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और ऑनलाइन आवेदनों को लेकर सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ कानूनगो, लेखपाल, नायब तहसीलदार और तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा कि शिकायतों का तीन दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डिफाल्टर प्रकरणों पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में पहुंचता है तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस से संबंधित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए।
बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीआरओ गुलशन जी एवं समस्त एसडीएम आदि उपस्थित रहे।
























