मजदूर की बेटी काजल का डॉक्टर बनने का सपना हुआ साकार
मुंबई के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में मिला दाखिला, सुपर-25 कोचिंग के संस्थापक और टीचरों ने घर पहुंच कर किया सम्मान।
शरद बिंद
दुर्गागंज, भदोही। क्षेत्र के सरायभाव सिंह निवासी मजदूर राजेंद्र प्रसाद गौतम की बेटी काजल गौतम ने विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई कर डॉक्टर बनने का सपना साकार कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। काजल को मुंबई के प्रतिष्ठित सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज एवं केएम अस्पताल में दाखिला मिला है। उसकी सफलता की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
काजल ने करीब दो वर्ष पहले सुभाष नगर स्थित सुपर-25 निशुल्क नीट कोचिंग में प्रवेश के लिए इंट्रेंस परीक्षा दी थी। चयन के बाद उसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद नियमित पढ़ाई जारी रखी। कोचिंग के निदेशक डॉ. मिथिलेश बिंद ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क शिक्षा देकर उनके डॉक्टर बनने के सपने को साकार करना है। काजल की सफलता इसी उद्देश्य की मिसाल है।
काजल बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। काजल स्वयं पैर की बीमारी से जूझ रही है, जिसके कारण उसे चलने-फिरने में परेशानी होती है। वह टीन शेड में रहकर पढ़ाई करती रही। कोचिंग आने-जाने में भी उसे सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई होती थी और वह सहारे के लिए राम का इस्तेमाल करती थी। इसके बावजूद उसने रात-रातभर मेहनत कर पढ़ाई की और नीट में सफलता हासिल की।
काजल के चयन की सूचना पर सुपर-25 कोचिंग के शिक्षक व स्टाफ उसके घर पहुंचे। उन्होंने काजल को फूलमाला पहनाकर स्वागत किया, मिठाई खिलाई और स्टेथोस्कोप भेंट कर डॉक्टर बनने की बधाई दी। परिवार के लोगों ने डॉ. मिथिलेश बिंद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉ. बिंद किसी भगवान से कम नहीं हैं।
इस मौके पर डॉ. जेपी, अमृत प्रकाश, ऊदल बिंद और मनीष कुमार बिंद समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
























