बलिया:किकोढ़ा के सुपुत्र डॉ. इफ्तेखार खां को राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026; बलिया जिले का गौरव बढ़ा

बलिया:किकोढ़ा के सुपुत्र डॉ. इफ्तेखार खां को राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026; बलिया जिले का गौरव बढ़ा

 संजीव सिंह बलिया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर से चुने गए 48 उत्कृष्ट स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया, जिनमें बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां का नाम भी शामिल है। मूल रूप से सिकंदरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव के निवासी डॉ. खां को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभिनव और समाज-केंद्रित कार्यों के लिए दिया गया है।

परिचय और शैक्षणिक पृष्ठभूमि

डॉ. इफ्तेखार खां साल 1998 से राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया में कला शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने शुरू में विज्ञान से पढ़ाई की, लेकिन बाद में कला की ओर रुख किया और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से BFA, MFA तथा पीएचडी की डिग्री प्राप्त की; उनकी पीएचडी का विषय ‘मुगलकालीन पोथियों में दृष्टांत चित्र’ रहा है।

सामाजिक पहल: मुफ्त कला शिक्षा और ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’

डॉ. खां का पढ़ाने का दायरा सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं है—वे साल 2000 से हर रविवार अपने घर पर बच्चों को नि:शुल्क कला की बारीकियां सिखाते हैं और गर्मियों में चित्रकला वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र कला व रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है उनकी अनूठी पहल—वे छात्रों से महंगे तोहफों की बजाय ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’ लगवाने की अपील करते हैं, जिससे एक ओर पर्यावरण जागरूकता फैलती है और दूसरी ओर सामाजिक संदेश भी मिलता है।

कक्षा से परे कला: प्रकृति और पर्यावरण से जोड़कर सीखना

डॉ. खां बच्चों को प्रकृति, पेड़-पौधों और आसपास के माहौल से जोड़कर कला सीखने के लिए प्रेरित करते हैं, इसलिए उनकी कक्षाएं पारंपरिक क्लासरूम तक सीमित नहीं रहतीं। उनके छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर चित्र बनाकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में किए गए चयन के बाद 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से 48 शिक्षकों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया। प्रत्येक विजेता को रजत पदक, प्रमाण पत्र और ₹50,000 की नकद राशि प्रदान की जाती है। इस सूची में उत्तर प्रदेश से डॉ. इफ्तेखार खां का चयन बलिया जिले के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।

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