रोजा थाने के दरोगा राजेंद्र सिंह का प्राइवेट रूम के कमरे में बेड पर मिला शव संदिग्ध मौत की जांच में जुटी पुलिस
मुजीब खान
शाहजहांपुर : जनपद के थाना रोजा में तैनात दारोगा राजेंद्र सिंह 51 वर्ष का शव उनके प्राइवेट आवास में मिलने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया दरोगा राजेंद्र सिंह सुबह से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे और मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था जब परिजनों की सूचना पर उनके आदर्श नगर प्राइवेट आवास पर शाम करीब 8 बजे पुलिस पहुंची तो उनके कमरे में बेड पर उनका शव मिला दरोगा की संदिग्ध मौत की पुलिस द्वारा जांच की जा रही मृत्यु का कारण जानने को उनके शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है।
आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के सुभाषनगर निवासी राजेंद्र सिंह का 23 जून को खुदागंज थाने से तबादला रोजा थाने में हुआ था। उन्होंने आदर्शनगर कॉलोनी में किराये पर कमरा लिया था। मंगलवार शाम उनकी परिजनों से अंतिम बार बात हुई थी। बुधवार को वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल भी पूरे दिन बंद रहा। परिजनों के चिंता जताने पर शाम करीब 8 बजे रोजा थाने की पुलिस उनके आदर्श कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची। अंदर कमरे में उनका शव मिला।
शाम करीब सात बजे पत्नी रेखा सिंह ने थाना प्रभारी उमेश मिश्रा को फोन कर उनसे संपर्क न होने की जानकारी दी। इसके बाद दो सिपाहियों को उनके कमरे पर भेजा गया, जहां कमरा अंदर से बंद मिला। सूचना पर रात करीब आठ बजे थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वीडियोग्राफी कराने के बाद दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। कमरे में राजेंद्र सिंह बेड पर पड़े मिले। शरीर में कोई हलचल न होने पर उन्हें मृत घोषित किया गया।
घटना की सूचना पर सीओ सदर शुभम वर्मा भी मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि प्रथम दृष्टया हृदयाघात की आशंका है, लेकिन मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। राजेंद्र सिंह की मौत की सूचना मिलते ही उनके पैतृक घर में कोहराम मच गया। पत्नी रेखा सिंह फोन पर ही बिलख पड़ीं। इकलौते बेटे दीक्षांत सिंह भी खुद को संभाल नहीं सके। दीक्षांत ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई पूरी कर ली है और नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं।
























