बलिया।दीक्षोत्सव-2026: जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय ने गोद लिए गांवों के विद्यालयों में छात्राओं-छात्रों में सृजनशीलता जगाई

दीक्षोत्सव-2026: जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय ने गोद लिए गांवों के विद्यालयों में छात्राओं-छात्रों में सृजनशीलता जगाई

 अमर बहादुर सिंह बलिया शहर। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत समाज कार्य विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के गोद लिए गांव ब्रह्माइन, अपायल और बसंतपुर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में चित्रकला, भाषण एवं कहानी लेखन प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ल के संरक्षण एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा मिश्रा के निर्देशन में संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में कक्षा 3 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजकों ने “मेरी माँ”, “मेरा सपना”, “शिक्षा का महत्व”, “जल ही जीवन है”, “पर्यावरण संरक्षण”, “मोबाइल के फायदे और नुकसान”, “डिजिटल इंडिया”, “बाल विवाह”, “प्रदूषण मुक्त भारत” और “महान स्वतंत्रता सेनानी” जैसे समसामयिक व प्रेरणादायी विषय दिए गए, जिन पर विद्यार्थियों ने प्रभावशाली भाषण, आकर्षक चित्र तथा प्रेरक कहानियाँ प्रस्तुत कीं।

समाज कार्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. प्रेम भूषण यादव तथा डॉ. रूबी के साथ कृषि विभाग के डॉ. अमर्तन गौतम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सुचारू संचालन में समाज कार्य विभाग के छात्र-छात्राओं — निशांत केतु, प्रदीप साहनी, अमन सिंह, स्नेहा, पूजा, साक्षी चौबे, ममता, प्रीति प्रसाद, अमर बहादुर सिंह, आकाश चौहान, अरविंद कुमार पाण्डेय, रिंकी यादव, वंदना यादव, चंदन, अविनाश पाण्डेय, ज्योति सिंह, अमन पाठक, फैयाज अहमद व विशांत पटेल — ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही विद्यालय परिवार के प्रधानाध्यापकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों का भी समुचित सहयोग रहा।

इवेंट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में लेखन एवं वक्तृत्व कौशल, रचनात्मक क्षमता, सामाजिक चेतना और आत्मविश्वास का विकास करना था। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालयों का माहौल उत्साह, ऊर्जा और सीखने की भावना से परिपूर्ण रहा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *