प्रयागराज के प्रशासनिक नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई है कृषक राजीव सिंह की व्यथा 

प्रयागराज के प्रशासनिक नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई है कृषक राजीव सिंह की व्यथा 

दो साल से कृषि भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने की डीएम से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से कर चुका है मनुहार

प्रयागराज । जहां एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिदिन सभी जनपदों के जिला अधिकारियों सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों को जनता की समस्याओं को सुनने एवं समस्याओं के शीघ्र निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए जा चुके है इसके साथ मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वयं जनता दरबार के माध्यम से जनता की समस्याओं को सुना जाता है और उनका समाधान भी किया जाता है सब कुछ आदेशों के बाद भी यदि प्रदेश के किसी जनपद में कोई फरियादी लगातार दो वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा हो तो इतने आदेशों के बाद यह बात बेमानी लगती है लेकिन यह बात सत्य है और वह व्यक्ति है संगम नगरी प्रयागराज का जहां उसकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं विगत दो वर्षों से दर्जनों चक्कर जिला अधिकारी। के दरबार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के दरबारों में लगा कर अपनी कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार कर चुका है लेकिन सरकार के सख्त निर्देशों का प्रयागराज प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ता दो साल चक्कर लगाने के बाद पीड़ित कृषक राजीव सिंह की समस्या जस की तस खड़ी दिखाई दे रही है इस लिए यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रयागराज प्रशासन के नक्कारखाने में कृषक राजीव सिंह की व्यथा तूती की आवाज बनकर रह गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद प्रयागराज की तहसील सोरांव निवासी कृषक राजीव सिंह वर्ष 2024 से प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र पर प्रार्थना पत्र दे रहे है लेकिन प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा हटवाने की कार्यवाही तो दूर की बात अभी तक सही से शिकायत को देखा भी नहीं गया जो प्रशासनिक ढील का बड़ा प्रमाण है कृषक राजजीत सिंह के अनुसार, ग्राम डीहा स्थित गाटा संख्या 341 की उनकी कृषि भूमि पर सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी डाली गई थी। उनका आरोप है कि बाद में कुछ लोगों ने सड़क किनारे लगे पीपल के पेड़ की जड़ों को उनकी भूमि में फैलाकर धार्मिक स्वरूप देने का प्रयास किया और धीरे-धीरे जमीन पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 से लेकर अब तक तहसील, थाना, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पुलिस आयुक्त तथा जिलाधिकारी समेत विभिन्न अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका यह भी आरोप है कि राजस्व और पुलिस विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे मामला लंबित है। राजीव सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी भूमिधरी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाकर उन्हें खेती करने का अधिकार दिलाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पक्ष सामने नहीं आया है।

वही इस विषय में जब प्रयागराज के जिला अधिकारी मनीष वर्मा से इस संबंध में की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाही तो उनके द्वारा कोई संतोष जनक उत्तर न देते हुए इस मामले का दोबारा प्रार्थना पत्र दिए जाने के बात कही गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *