आजमगढ़।सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? आजमगढ़ के हीरापट्टी में मानसून से पहले नारकीय स्थिति, ‘धान रोपाई’ को मजबूर नागरिक

सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? आजमगढ़ के हीरापट्टी में मानसून से पहले नारकीय स्थिति, ‘धान रोपाई’ को मजबूर नागरिक

उपेन्द्र कुमार पांडेय 

आजमगढ़। जनपद के शिवाजीनगर, हीरापट्टी (उदय मैरेज हाल मोड़ से हरिऔध नगर मुख्य गेट तक) के निवासी इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगभग 500 मीटर की इस मुख्य सड़क और नाली की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि हल्की बरसात में ही पूरा रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता है। मोहल्ले वासियों के मुताबिक, “सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह खोज का विषय बन चुका है और आगामी मानसून में स्थिति ऐसी होने वाली है कि लोग इस मुख्य मार्ग पर आवागमन करने के बजाय धान की रोपाई करने को मजबूर हो जाएंगे।”

खराब रास्ते के कारण हाल ही में एक स्थानीय नागरिक दुर्घटनाग्रस्त होकर अस्पताल में भर्ती हो चुका है। मोहल्ले वासियों ने चिंता जताई है कि जल्द ही स्कूल खुलने वाले हैं, ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के चोटिल होने का खतरा और बढ़ जाएगा। इसके अलावा, नालियां ध्वस्त होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।

पूर्व में कई बार जिलाधिकारी से मिले ठोस आश्वासन के बाद भी धरातल पर कोई सुधार न होने से नाराज नागरिकों ने अब ‘जियो टैगिंग फोटो’ के साथ उच्चाधिकारियों को दोबारा स्मरण-पत्र भेजा है। इस दौरान दयानंद पाठक, अमित पाठक, राहुल, संजय, निखिल, अखिलेश कुमार, श्रवण, डब्बू दुबे आदि मौजूद रहे।

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