पति पत्नी के बीच वो की एंट्री हुई और बिगड़ी गृहस्थी आशिक के चक्कर में पति को सुलाया मौत की नींद
20 वर्ष पहले उमाशंकर से किया था प्रेम विवाह दो वर्ष पूर्व गुजरात में हो गया एक युवक से अफेयर किया कोर्ट मैरिज
मुजीब खान
पीलीभीत : पति पत्नी के बीच जब वो की एंट्री होती है तो बनी बनाई गृहस्थी कैसे उजड़ती है इसकी एक बानगी जनपद पीलीभीत में उस समय देखने को मिली जब दो वर्ष पूर्व बने प्रेमी के चक्कर में पड़कर एक महिला ने न सिर्फ अपने उस सुहाग जिससे आज से 20 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह करके अपनाया था उसे पहले कोल्ड ड्रिंक में नशे की गोलियां देकर बेहोश किया बाद में गले में साड़ी का फन्दा डालकर उसे मौत की नींद सुला दिया घटना के समय अचानक जागे बच्चों ने मां को यह सब करते देख लिया तो वह भाग खड़ी हुई। फिर वह अपने भाई के साथ खुद ही थाने पहुंचकर कहानी बनाने लगी। इस बीच थाने में बच्चों की फोन कॉल पहुंचने से खेल खुल गया। महिला को हिरासत में ले लिया गया। महिला के कृत्य ने दो बच्चों को भी अनाथ कर दिया फिलहाल पति की हत्या की आरोपी महिला सलाखों के पीछे भेजी जा चुकी है।
मृतक उमाशंकर जनपद के माधोटांडा क्षेत्र के गांव चित्तरपुर के रहने वाले थे। करीब 20 वर्ष पहले लोहरपुरी गांव की ममता से प्रेम विवाह किया परिजनों के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद पत्नी ममता का ससुराल पक्ष से विवाद होने लगा। इस पर उमाशंकर पहले कलीनगर कस्बे में मकान बनाकर रहे और बाद में ममता के मायके के गांव लोहरपुरी गांव जाकर रहने लगे। जहां से वह गुजरात में मेहनत मजदूरी करते और अपने परिवार के पालन पोषण करते थे इस दौरान ममता से उनके दो बच्चे बेटा विवेक और बेटी गिरा हुई जो इस समय बेटा 18 वर्ष और बेटी 13 वर्ष की है दो वर्ष पूर्व ममता अपने पति और बच्चों के साथ गुजरात चली गई थी वही पर वह एक युवक के संपर्क में आई और उससे उसका प्रेम प्रसंग बढ़ता गया परिजनों के अनुसार ममता ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। ममता ने एक सहमति पत्र भी बनवाया, जिसमें उस प्रेमी को अपना पति दर्शाया था। दोनों के बीच फोन से रोजाना बात होती थी।
उमाशंकर और बेटा विवेक इसका लगातार विरोध करते रहे, लेकिन हर बार झगड़े के बाद विवाद शांत हो जाता था। वहीं ममता के मन में कुछ और ही चल रहा था। वह पति को ठिकाने लगाने की योजना बनाती रही। दो दिन पहले गुजरात से लौटे उमाशंकर से भी झगड़ा हुआ।
माना जा रहा है कि इसी के बाद ममता ने शनिवार रात ही उसे अपने रास्ते से हटाना तय कर लिया। बच्चों का आरोप है कि ममता लंबे समय से परिवार के लोगों को चाय, दूध और अन्य पेय पदार्थों में नींद की गोलियां मिलाकर दे रही थी। संभवत: उसे बेटे से ज्यादा डर था, इसलिए वह उसे भी गहरी नींद में सुलाने की जुगत में थी। हालांकि उमाशंकर को जब नींद की गोलियां मिला कोल्ड ड्रिंक बेटी के हाथों भेजा तो उसे पीने से मना कर दिया था। बच्चे कच्ची नींद के कारण ही ममता की करतूत के चश्मदीद बन गए। ममता ने बेटे को भी कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ममता गुजरात के जिस युवक के संपर्क में थी, वह करीब दो महीने पूरनपुर आकर किराये के मकान में रहने लगा था। घटना वाले दिन ममता पूरनपुर गई थी, जहां से वह एक सीढ़ी और कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाई। शाम और घटना से ठीक पहले कथित प्रेमी से उसकी कई बार फोन पर बातचीत हुई। परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद शव घर से बाहर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उससे पहले ही बच्चों के वहां पहुंचने से योजना पूरी नहीं हो सकी। ममता ने घटना से पहले अपने जेवर भी निकालकर अलग रख लिए थे।
सीओ विधि भूषण मौर्य का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। परिजनों ने महिला के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी भी दी है, जिसकी भी जांच की जा रही है।

