बरेली के बहेड़ी पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से काटे जा रहे पुराने वाहनों की आड़ में चोरी के वाहन पुलिस मौन

बरेली के बहेड़ी पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से काटे जा रहे पुराने वाहनों की आड़ में चोरी के वाहन पुलिस मौन

कस्बा बहेड़ी में बिना लाइसेंस के करीब 30 स्थानों पर कबाड़ियों द्वारा किया जा रहा वाहन काटे जाने का धंधा

मुजीब खान

बरेली : उत्तर प्रदेश में पहले मेरठ इत्यादि स्थानों पर जो पुराने और चोरी के वाहन काटने का धंधा जोरो शोरों से चल रहा था उस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के चलते तो रोक लग गई लेकिन उसी तर्ज पर अब यह धंधा जिला बरेली की तहसील बहेड़ी क्षेत्र में खाकी के संरक्षण में फल फूल रहा है जबकि पुराने वाहन काटे जाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है। जो बहेड़ी क्षेत्र में किसी के पास नहीं है। लेकिन खुलेआम पुराने वाहन काटना और उसकी आड़ में चोरी के वाहन काटा जाना पुलिस के संज्ञान में न होने की बात हजम नहीं होती।

आपको बताते चले कि पुराने वाहन काटे जाने हेतु परिवहन विभाग से अनुमति ली जाती है जिसके बाद ही कार्य करने वाला पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन इत्यादि लेकर वाहन काटकर उसका चेचिस नम्बर आरटीओ कार्यालय में जमा करवाता है जिसके बाद उस वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाता है लेकिन जनपद बरेली के कस्बा बहेड़ी में बिना किसी परमिशन एवं बिना किसी लाइसेंस के धड़ल्ले से एक दो नहीं करीब 30 स्थानों पर कबाड़ियों द्वारा पुराने वाहन खरीद कर काटे जाने का धंधा किया जा रहा है पुराने वाहनों की आड़ में यह लोग चोरी के वाहन भी काटने से पीछे नहीं हटते और सबसे बड़ी बात यह कि उन्हें इस अवैध धंधे का संचालन करने में किसी का कोई खौफ नहीं है। खुलेआम चल रहे इस अवैध कार्य के विषय में जब थोड़ी पड़ताल की गई और गोपनीय तौर पर इस कार्य में लिप्त लोगों से जानकारी प्राप्त की तो एक चौकाने वाली बात सामने आई जिसने कबाड़ियों में खौफ न होने की बात की हकीकत बयां कर दी लोगो ने बताया कि कस्बे में करीब 30 स्थानों पर चल रहे इस कार्य को बेखौफ संचालित कराए जाने का ठेका एक समीर नामक व्यक्ति ने ले रखा जो महीने की बसूली करता है दिए गए पैसे के एवज में वह लोग खुलेआम इस काम को कर रहे है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उपरोक्त समीर नामक व्यक्ति के पुलिस विभाग में अच्छे रसूख है जो वसूली गई रकम को ऊपर तक पहुंचाता है हालांकि लोगो ने तो दबी जुबान से पुलिस के अधिकारी एक थाना बहेड़ी पर भी धंधे के एवज में वसूली की बात कही है। जिसके विषय में पूर्ण विश्वास से तो नहीं कहा जा सकता लेकिन दूसरी ओर खुलेआम चल रहे वाहन काटने का धंधा और पुलिस की अनदेखी इस आरोप में दम भरती दिखती है क्योंकि बहेड़ी में थाना प्रभारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहते है पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों की मुस्तैदी के बाद भी खुलेआम धंधा चलना गले नहीं उतरता।

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