वाहन चोरी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, पांच चोरी की मोटरसाइकिलें व भारी मात्रा में पुर्जे बरामद
नगरा पुलिस की बड़ी सफलता, तीन शातिर वाहन चोर गिरफ्तार
संजीव सिंह
नगरा(बलिया)। थाना नगरा पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए एक अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच चोरी की मोटरसाइकिलों की चेसिस, इंजन, टायर, टैंक, हेडलाइट, साइलेंसर, बैटरी समेत भारी मात्रा में वाहन के कल-पुर्जे तथा मोटरसाइकिल खोलने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर नरही नहर पुलिया के पास वाहन चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पवन खरवार निवासी मेउली थाना पकड़ी, मुन्ना गोंड़ निवासी लीलकर थाना सिकंदरपुर तथा मुन्ना गोंड़ निवासी रूद्रवार थाना सिकंदरपुर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें अलग-अलग हिस्सों में खोलकर बेच देते थे। उनकी निशानदेही पर पवन खरवार के घर से चार अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की चेसिस तथा भारी मात्रा में वाहन के पुर्जे बरामद किए गए।
पुलिस जांच में बरामद वाहनों का संबंध थाना नगरा, कोतवाली बलिया, उभांव सहित अन्य क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से पाया गया है। आरोपियों ने एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल बेच देने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। मुख्य आरोपी पवन खरवार के विरुद्ध पूर्व में भी वाहन चोरी के कई मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक प्रभाकर शुक्ला, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार, उपनिरीक्षक संदीप कुमार, कांस्टेबल चंद्रशेखर चौहान, कांस्टेबल श्रवण यादव, कांस्टेबल पंकज सिंह तथा कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
























