किसान महंगे कीटनाशकों से नहीं, वैज्ञानिक तकनीकों से करें गन्ना फसल की सुरक्षा करके करे आय वृद्धि : खुशीराम
मुजीब खान
पीलीभीत : महंगे कीटनाशकों और रसायनों के भरोसे न रहकर गन्ना किसान अपनी गन्ना की फसल की सुरक्षा वैज्ञानिक तकनीकों से करना शुरू करें इससे उनकी आय वृद्धि होने के साथ और भी बहुत से लाभ मिलेंगे उपरोक्त बात जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बरखेड़ा चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम जारकल्लिया में कृषको के फार्म का भ्रमण कर जागरूक करते हुए कही। इस दौरान गन्ना किसानों को फसल सुरक्षा हेतु पर्यावरण के अनुकूल एवं वैज्ञानिक कीट प्रबंधन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से कहा कि फसल सुरक्षा के लिए केवल महंगे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर रहना आवश्यक नहीं है। किसान भाई भौतिक, यांत्रिक, जैविक एवं सांस्कृतिक विधियों को अपनाकर भी कीटों का प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गन्ना कृषकों द्वारा भेदक कीटों के नियंत्रण हेतु लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है, जिससे कीट नियंत्रण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के प्रयोग से जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण नहीं होता तथा प्राकृतिक संतुलन भी बना रहता है। किसानों को जानकारी दी गई कि बरखेड़ा चीनी मिल द्वारा फेरोमोन ट्रैप निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक किसान इन पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाकर अपनी फसल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इस अवसर पर सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक कृषि एवं प्रगतिशील किसान राकेश बाबू गंगवार, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनोज साहू, महाप्रबंधक गन्ना संजीव राठी, गौरव तोमर, गन्ना प्रबंधक मुकेश तोमर, अमित सिंह (ब्लॉक इंचार्ज) सहित चीनी मिल एवं गन्ना विभाग के अन्य अधिकारी तथा किसान उपस्थित रहे।
























