पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाने को लेकर डीएम कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
मुजीब खान
शाहजहांपुर : आज जनपद के विभिन्न विकास खंडों में तैनात पंचायत सहायकों ने जिला अधिकारी कार्यालय के समक्ष अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर जोर दार प्रदर्शन किया इस दौरान उन्होंने उनकी 14 मांगो को शीघ्र पूरा न किए जाने पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
पंचायत सहायकों द्वारा सौंपे गए 14 सूत्रीय ज्ञापन में पंचायत सहायकों के लिए कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, एक पृथक ‘पंचायत सहायक पोर्टल’ विकसित करने, ग्राम पंचायत सचिवालयों के संचालन हेतु आवश्यक फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही गई है।इंटरनेट, प्रिंटिंग और स्टेशनरी के खर्चों के लिए मासिक बजट तथा विभागीय कार्यों के लिए प्रत्येक पंचायत सहायक को मोबाइल फोन प्रदान करने की भी मांग की गई है। पंचायतों के ओ एस आर खाते से लिंक करते हुए सी एस सी सेवाओं के भुगतान हेतु समुचित पेमेंट गेटवे व्यवस्था विकसित करने की भी बात कही गई।
यूनियन ने पंचायत सहायकों के कार्य समय, अवकाश, दायित्वों और सेवा शर्तों के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वर्तमान में मिल रहे 6,000 प्रति माह के मानदेय को बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30,000 प्रति माह करने अथवा उत्तर प्रदेश की न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अनुबंध आधारित व्यवस्था समाप्त कर पंचायत सहायकों के लिए स्थायी एवं स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने पर जोर दिया गया है। विवाहोपरांत महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण और समायोजन हेतु स्पष्ट नीति निर्धारित करने की भी मांग की गई है। पदाधिकारियों ने ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्तियों में पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने की भी मांग की है। उन्होंने सभी पंचायत सहायकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, आयुष्मान कार्ड जारी करने, विभागीय पहचान पत्र (आईडी कार्ड) तत्काल जारी करने और गैर-विभागीय कार्यों पर रोक लगाने की भी मांग की। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
























