बलिया जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा कायाकल्प अभियान पर कड़ी चेतावनी — लापरवाही पर बीईओ/बीडीओ का वेतन रोकने के आदेश
संजीव सिंह बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान की 19 बिंदुओं की समीक्षा बैठक में भारी नाराजगी जताते हुए कई खंडों में प्रशिक्षण व बुनियादी सुविधाओं के कामों में हो रही लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। बैठक में अधूरे कार्य मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के खिलाफ तुरन्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कुछ अधिकारियों का वेतन रोकने का भी आदेश जारी किया गया।
बिजली कनेक्शन नहीं हुआ
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के 26 विद्यालयों में अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं कराया गया है। सर्वाधिक छह विद्यालय सीयर, चार बेरुआरबारी, तथा तीन-तीन विद्यालय नगरा, बांसडीह और रसड़ा विकासखंडों में हैं। इस मामले में संबंधित बीईओ का वेतन रोका गया और एक सप्ताह के भीतर सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन कराने का सख्त निर्देश दिया गया; निरीक्षण में कमी पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
किचन शेड व दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं अधूरी
किचन शेड निर्माण में भी लापरवाही सामने आई है। सीयर में आठ, हनुमानगंज में छह, दुबहड़ व सोहांव में चार-चार विद्यालयों में निर्माण अधूरा पाया गया है; संबंधित बीडीओ व बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीडब्ल्यूएसएन (दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं) के काम में गड़वार के 38, सीयर के 35, बैरिया के 29, मुरलीछपरा के 27 तथा पंदह के 22 विद्यालयों में कार्य लंबित पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
बाउंड्रीवाल व क्लासरूम टाइलिंग में भी सुस्ती
मनियर, गड़वार, सीयर, दुबहड़ और नगरा के विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण धीमी गति का पाया गया; जिलाधिकारी ने तत्काल निर्माण पूरी कराने की चेतावनी दी। नवानगर, सीयर, मनियर, बैरिया और बांसडीह में क्लासरूम फ़्लोर टाइलिंग के कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण कर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बारिश-बाढ़ के मद्देनज़र स्वास्थ्य निर्देश
बरसात और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में मेडिकल चेकअप, नि:शुल्क दवा वितरण, पेयजल गुणवत्ता जांच, पानी की टंकियों की सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में विशेष मेडिकल टीम तैनात करने और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
दूसरे प्रभावित स्कूलों के लिए नई जमीन व निर्माण प्रस्ताव
जिलाधिकारी ने बताया कि महाराजपुर, गोपालपुर टांडी और भोजपुरवा में कटान के कारण विद्यालय क्षतिग्रस्त होकर पानी में समा गए हैं। इन स्थानों पर नए विद्यालय निर्माण के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार करने तथा तत्काल नई जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।
शैक्षिक ब्योरा व कंडम घोषित इमारतें
सभी बीईओ से जिले के विद्यालयों का विस्तृत विवरण मांगा गया है—कहाँ विद्यालय हैं, कहाँ नहीं, कितने जर्जर हैं, कितने ध्वस्त हो चुके हैं, किन भवनों को पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित किया है तथा किनकी नीलामी हो चुकी है। कंडम घोषित भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने के भी निर्देश दिए गए।
अन्य निर्देश
जिन विद्यालयों में किचन शेड नहीं है और बाहर भोजन बन रहा है, उनकी फोटो व वीडियो उपलब्ध कराकर शीघ्र किचन शेड निर्माण कराया जाए।
जिन विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, वहां एक सप्ताह के भीतर तार हटाने के कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
जिन विद्यालयों के बच्चों के लिए ड्रेस, किताब व अन्य सामग्री की धनराशि भेजी जा चुकी है, वहाँ प्रधानाध्यापकों से सूची लेकर सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे निर्धारित ड्रेस पहनकर आ रहे हैं।
सभी कक्षों पर देश की महान विभूतियों के नाम अंकित किए जाएं; यह कार्य 15 अगस्त तक पूरा किया जाए।
नामांकन अभियान में अधिकांश ब्लॉकों में प्रगति संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नामांकन लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

