लापरवाह सिस्टम की भेंट चढ़ी मासूम स्वालिहा:: खतरनाक आवारा कुत्तों ने नोच नोच कर उतारा मौत के घाट
जिम्मेदारो के नहीं उठे फोन : छीन ली एक गरीब बाप से उसकी प्यारी बेटी
मुजीब खान
शाहजहांपुर ।आज सुबह 7 बजे महानगर शाहजहांपुर के न्यू सिटी ककरा क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे ने सभी को हिला दिया यहां एक 11 वर्षीय बच्ची को आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और उसे बुरी तरह नोच डाला जिसे मेडिकल कालेज ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई घटना के बाद क्षेत्रीय लोगो जहां एक ओर इस हृदयविदारक घटना को लेकर दुख है वही नगर निगम और जिला प्रशासन के प्रति गुस्सा देखने को मिल रहा है क्योंकि महानगर में आवारा कुत्तों और बंदरों के कारण लोग आय दिन घटनाओं के शिकार हो रहे है। लेकिन जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा इस विकराल समस्या की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आज एक मासूम बच्ची को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
घटना आज सुबह करीब 7 बजे की जब ककरा निवासी नईम जो पटके पर खेती करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है वह अपनी 11 वर्षीय पुत्री स्वालिहा को लेकर खेत पर सब्जी तोड़ने गया था तभी उसने अपनी पुत्री से अपने भाई को घर बुलवाने भेजा अभी स्वालिहा घर जा ही रही थी कि अचानक 10 – 12 आवार कुत्तों का झुंड बच्ची आ गया और बच्ची को घेर कर बुरी तरह नोचने लगे बच्ची की चीख सुनकर स्थानीय लोग और और उसका पिता मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों से बच्ची को छुड़ाया लेकिन तब तक बच्ची बुरी तरह लहूलुहान हो चुकी थी जब तक उसे लेकर मेडिकल कालेज पहुंचे बच्ची की दुखद मौत हो चुकी थी। हालांकि बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बच्ची के शव को घर ले गए। जानकारी के अनुसार कुत्तों के हमले मारी गई बच्ची के चाचा रफी अहमद ने बताया कि स्वालिहा की चार बड़ी बहनें फूल बी, असरा, निशरा और आलिया हैं, जबकि दो भाई अजीम और इकराम हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता नईम बटाई पर खेत लेकर मजदूरी करते हैं। घटना के बाद मां शबाना का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के विषय में मेडिकल कालेज के ईएमओ डॉक्टर मेराज अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि कुत्तों के हमले में बच्ची के करीब 10 से 12 बड़े घाव हो गए थे जिनसे रक्तस्राव भी बहुत हो गया जिसके कारण बच्ची की मौत हो गई वही प्रशासनिक अधिकारियों और नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी से फोन पर संपर्क करने पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया जिससे उनकी उदासीनता साफ देखी जा सकती है।
























