भरोसे का कत्ल : मुंह बोला बेटा बनाकर जिसे दिया मां का प्यार उसी ने दौलत के लालच में उतार दिया मौत के घाट

भरोसे का कत्ल : मुंह बोला बेटा बनाकर जिसे दिया मां का प्यार उसी ने दौलत के लालच में उतार दिया मौत के घाट

बरेली में रिटायर्ड एलआईयू दरोगा की पत्नी को पहले कार में घुमाया फिर हत्या कर जंगल में फेंक दिया शव

बरेली । जनपद में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को किसी अंजान को अपना बनाकर भरोसा करना सबसे बड़ी भूल होने का एहसास करा दिया जी हां क्योंकि जनपद में घटित एक घटना ने भरोसे का ही कत्ल कर दिया जिसमें एक रिटायर्ड एलआईयू इंस्पेक्टर की पत्नी को एक युवक को मुंह बोला बेटा बना कर उस पर भरोसा करना महंगा पड़ गया जिससे वह चंद दिनों में अपने बेटे की तरह प्यार करने लगी थी और एक बेटे की ही तरह उस पर भरोसा करते हुए सारी जिम्मेदारी उसे सौंप दी थी लेकिन वह बेटे के भेष में छुपा हुआ एक शैतान निकला उसकी निगाह महिला की जमीन और गहनों पर थी जो वह किसी तरह से हासिल करके अपनी जिंदगी बेहतर बनाने के सपने देखता था अपने सपने को पूरा करने के लिए उसने भरोसे लेकर उस मां सामान देवी को एक खौफनाक मौत दे कर माल जेवर पर हाथ साफ कर दिया लेकिन पुलिस के हाथों बच नहीं पाया और अपना गुनाह कबूल करके एक मां बेटे के रिश्ते को कलंकित करने का काम किया ।

मामला बरेली के थाना सुभाषनगर स्थित मोहल्ला मढ़ीनाथ का है जहां के रहने वाले गजराज सिंह एलआईयू से दारोगा पद से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी शारदा यादव एक साधारण गृहणी थीं। रिश्तेदार रिंकू यादव के मुताबिक, बिहारीपुर के रहने वाले वरुण पाराशरी का घर में आना-जाना था। धीरे-धीरे वह परिवार के बेहद करीब आ गया और शारदा उसे अपने बेटे जैसा मानने लगी थीं। दोपहर शारदा यादव घर से यह कहकर निकली थीं कि उन्हें बैंक में जेवर लॉकर में रखने हैं। लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। जब देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार वालों ने पुलिस से मदद मांगी, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजन खुद ही तलाश में जुट गए। सर्विलांस और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से पता चला कि सुबह 11:54 बजे वरुण ने शारदा को फोन किया था। इसके चार मिनट बाद, 11:58 बजे शारदा को मढ़ीनाथ इलाके में एक कार में बैठते हुए देखा गया। यह कार वरुण की ही थी। यहीं से शक गहराता चला गया। परिजनों ने पुलिस को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद मंगलवार शाम पुलिस ने वरुण को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर पीलीभीत के जहानाबाद इलाके के पास से शारदा का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। वरुण नगर निगम में संविदा कर्मी है।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं की गई, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई। वरुण पहले परिवार के करीब आया, उनका भरोसा जीता और फिर मौका देखकर शारदा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शारदा की हत्या करने के बाद वह शव को कार में रखकर घूमता रहा। इसके बाद में उसने शव को पीलीभीत के जहानाबाद में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।

पुलिस ने आरोपी की कार भी बरामद कर ली है, जिसमें खून के निशान मिले हैं। कार के अंदर रखे टायर खोलने वाले औजार (व्हीलर पाने) पर भी खून लगा हुआ था। इसी से शारदा के सिर पर वार कर उनकी हत्या की गई। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी खुद मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा, हालांकि प्रथम दृष्टया सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत मानी जा रही है।

आरोपी का कुबूल नामा

आरोपी वरुण पाराशर ने पुलिस को बताया कि उसने पहले खुद को नगर निगम में कर्मचारी बताकर मृतका के घर में एंट्री की उसके बाद उसने सभी के दिलों पर राज करना शुरू कर दिया मृतका अपने सगे बेटे से बढ़कर उससे प्यार करती थी और उस पर हर प्रकार से विश्वास करने लगी थी लेकिन उसकी नजर मृतका के जमीन के टुकड़े और माल जेवर पर थी और उसी ने मृतका से उसके जेबर लॉकर रखने की बात कही थी क्योंकि उसे जेबर पर हाथ साफ करना था इस लिए उनके पति की गैरमौजूदगी में वह उन्हें अपनी कार में बैठाकर ले गया और रास्ते में टायर खोलने वाला पाना उनके सर पर मार कर उनकी हत्या कर दी इसके बाद वह शव को लेकर घूमता रहा बाद में पीलीभीत के जहानाबाद के जंगलों में शव को फेंक दिया और माल जेबर लेकर फरार हो गया उसे भरोसा था कि कोई उस पर शक करेगा लेकिन पुलिस ने सारा राज खोल दिया।

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