बरेली डीएम ने भीषण गर्मी में बदला स्कूलों का टाइम कहा लापरवाही या अवहेलना पर होगी सख्त कार्यवाही
बरेली । उत्तर प्रदेश में अचानक बड़ी गर्मी के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने पर जिला अधिकारी ने स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए प्रातः 7:30 से दोपहर 12 बजे तक कर दिया है उन्होंने सख्ती के साथ इस आदेश को लागू करते हुए कहा है कि यदि इस आदेश को अवहेलना या लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्यवाही की जाएगी ।
अप्रैल अभी आधा भी नहीं बीता और गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जैसे ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा, शहर में लू जैसे हालात बन गए। चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया। हालात को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय ले लिया।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी कर दिया है। अब जिले के परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई समेत सभी बोर्ड के विद्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासन का मानना है कि दोपहर की तेज धूप छोटे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। ऐसे में समय में बदलाव कर उन्हें लू के प्रकोप से बचाने की कोशिश की गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। दोपहर के वक्त सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी और विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में छोटे बच्चों को लंबे समय तक बाहर रखना जोखिम भरा हो सकता है। उधर, प्रशासन ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आदेश का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन को बच्चों के लिए ठंडे पानी, पंखे और कूलर की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय पूरी सावधानी बरतें। बच्चों को पानी की बोतल जरूर दें, हल्के और सूती कपड़े पहनाएं और सिर ढककर भेजें, ताकि लू से बचाव हो सके। बढ़ती गर्मी के बीच प्रशासन का यह कदम राहत भरा जरूर है, लेकिन यह भी संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में मौसम और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल फोकस साफ है—बच्चों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
























