परशुराम जयंती पर भृगु धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसर
संजीव सिंह
बलिया। जनपद के पावन भृगु क्षेत्र स्थित भृगु मंदिर परिसर में भगवान श्री परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य एवं श्रद्धापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री लक्ष्मीकांत बाजपेयी तथा गोरखपुर के सांसद एवं सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री रवि किशन शामिल हुए। उनके साथ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे।वक्ताओं ने भगवान श्री परशुराम के त्याग, तप, शौर्य और धर्म रक्षा के आदर्शों को स्मरण करते हुए समाज को उनके पदचिह्नों पर चलने का संदेश दिया। रवि किशन ने कहा कि भगवान परशुराम अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं और उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वहीं लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देने की अपील की।समारोह के दौरान अतिथियों को पारंपरिक ‘फरसा’ भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही भृगु कॉरिडोर में भगवान परशुराम के भव्य मंदिर निर्माण की मांग प्रमुखता से उठी, जिसे क्षेत्र की धार्मिक पहचान को सशक्त करने वाला कदम बताया गया। भजन-कीर्तन की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा परिसर भक्ति व उत्साह से सराबोर हो उठा।इस अवसर पर सांसद नीरज शेखर, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व मंत्री छठ्ठू राम, मृत्यंजय तिवारी ‘बबलू’, अवध बिहारी चौबे, अशोक पाठक, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद दुबे, संजय चतुर्वेदी, पीसीएफ चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी, शिव कुमार मिश्र, राजीव उपाध्याय, पूर्व विधायक भगवान पाठक, अशोक उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।अंत में आयोजक एवं परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जताई। कार्यक्रम का समापन श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
























