महा पंडित राहुल सांकृत्यायन की 63 वीं पुण्यतिथि मनाई गई
आजमगढ़।महापंडित राहुल सांकृत्यायन की की 63 वीं पुण्यतिथि पर उनकी जन्म स्थली पंदहा,रानी की सराय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और नारे लगाते हुए उनकी स्मृतियों को लोगों ने नमन किया।
इस अवसर पर भाकपा उप्र कंट्रोल कमीशन के सदस्य हरिगेन राम ने कहा कि आज महान यायावर और दुनिया को अपनी विद्वता का लोहा मनवाने वाले साम्यवादी,दार्शनिक राहुल सांकृत्यायन की पुण्यतिथि है तो दूसरी तरफ भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती है।हमें यह सौभाग्य है कि राहुल जी आजमगढ़ में पैदा होकर इस जिले,प्रदेश और देश का नाम दुनियाभर में किए।
भाकपा जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर और राहुल सांकृत्यायन जी समकक्ष थे।राहुल जी ने बौद्ध साहित्य की खोज करके साम्यवादी सोच और शांति के मार्ग को मजबूत किया।वहीं डॉ भीमराव अंबेडकर जी सामाजिक असमानता,छुवाछूत,गरीबी,समानता के मार्ग को मजबूत करते हुए भारत के संविधान निर्माता कहलाए।दोनों महापुरुषों के पदचिन्हों पर चलकर ही बेहतर समाज और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है।
राहुल जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने कार्यक्रम में आए हुए लोगों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक कन्नौजिया,बेचू पाठक,सतीश पाठक,विजय नारायण, बंशू यादव,विनोद,डॉ राहुल तिवारी, शिवा नंद राय, अमरनाथ पाठक ,दयाशंकर पाठक आदि लोग उपस्थित थे।























