बलिया।सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु

सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु

रामेश्वर प्रजापति छांगुर

नगरा (बलिया)

 स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत चल रहे रामकथा प्रवचन के आठवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया, जहां श्रद्धालु कथा श्रवण में तल्लीन रहे।

कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने अपने ओजस्वी एवं मधुर वचनों से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सीता हरण प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए धर्म-अधर्म के संघर्ष को समझाया। साथ ही जटायु-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए जटायु की वीरता और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निष्ठा को विस्तार से बताया, जिससे श्रोता भावुक हो उठे।

प्रवचन के दौरान बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया। इसके पश्चात सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के साथ हुआ, जिसमें विजय नारायण सिंह उर्फ गोपाल जी, निर्भय प्रकाश, मनमोहन सिंह, डॉ. डीपी सिंह, अरविंद नारायण सिंह, डॉ. बृजेश सिंह, बिट्टन सिंह, छट्ठू राम, डॉ. आर.एस. वर्मा, समरजीत सिंह, नंदलाल गुप्ता, आलोक यादव, संजीव गिरी, धनजी सिंह,संजय ,फतेह बहादुर सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सेवक के रूप में भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।

कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

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