बलिया/लखनऊ।‌मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऐतिहासिक घोषणा:शिक्षामित्रों का मानदेय हुआ 18 हजार रुपये

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऐतिहासिक घोषणा:शिक्षामित्रों का मानदेय हुआ 18 हजार रुपये

  (संजीव सिंह)बलिया/लखनऊ।‌ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक घोषणा की है,श्री‌योगी ने कहा कि शिक्षा मित्रों का वेतन अब 18हजार रूपये प्रति माह मिलेगा।विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है।

अप्रैल 2026 से राज्य के सभी शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय मिलेगा, जो पहले के 10 हजार रुपये से 80 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह अनुदेशकों का मानदेय भी 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखोंशिक्षक-कर्मियों में उत्साह का संचार हो गया है। विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, “सपा सरकार के समय शिक्षामित्रों को मात्र 3 हजार रुपये मानदेय मिलता था। हमारी सरकार ने इसे पहले 10 हजार किया और अब 18 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है।” उन्होंने विपक्ष के महंगाई पर सवालों का जवाब देते हुए शिक्षामित्रों की सेवाओं को राज्य की बुनियादी शिक्षा प्रणाली की रीढ़ बताया। इसके अलावा, शिक्षामित्रों और शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जो स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगी। बढ़ा हुआ मानदेय सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित होगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।उत्तर प्रदेश में लगभग 1.37 से 1.48 लाख शिक्षामित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जिन्हें इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा। बलिया जिले में ही करीब 2734 शिक्षामित्र हैं, जो नगारा ब्लॉक सहित पूरे जिले की प्राथमिक और बेसिक स्कूलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे न केवल उनके आर्थिक हालात मजबूत होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम शिक्षकों की प्रेरणा बढ़ाएगा और स्कूलों की उपस्थिति व कार्यक्षमता को नई ऊंचाई देगा।पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भबजट सत्र में विपक्ष ने महंगाई के बीच पुराने 10 हजार रुपये मानदेय पर तीखे सवाल उठाए थे। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल समीक्षा कर घोषणा की। सीएम ने कहा कि योगी सरकार शिक्षक-कर्मियों की मेहनत का सम्मान करती है और बेसिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए कटिबद्ध है। यह फैसला आगामी लोकसभा चुनावों से पहले शिक्षा क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। बलिया जैसे जिलों में जहां शिक्षामित्र ग्रामीण शिक्षा के प्रमुख स्तंभ हैं, वहां यह खबर विशेष रूप से स्वागतयोग्य है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ व सभी संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है।

बलिया के शिक्षामित्रों ने कहा कि इससे उनकी दीर्घकालिक मांग पूरी हुई है और अब वे और बेहतर ढंग से बच्चों को पढ़ाने में जुटेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की घोषणा की है।

प्रदेश के सभी शिक्षामित्र व अनुदेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सभी ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले की भूरि भूरि प्रशंसा की है।

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