डीपीओ केएम पांडेय का चौंकाने वाला निरीक्षण: दो ब्लॉकों में सीडीपीओ समेत 10 से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित, वेतन रोका
संजीव सिंह बलिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) केएम पांडेय ने गुरुवार को नगरा और रसड़ा ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों कार्यालयों में सीडीपीओ समेत आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीपीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया। इस सख्त कदम से महकमे में खलबली मच गई है।सुबह करीब 10:30 बजे नगरा बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचे डीपीओ ने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इसमें प्रभारी सीडीपीओ (मुख्य सेविका) अर्चना गुप्ता, कनिष्ठ सहायक सुधा देवी, मुख्य सेविका सोनी गुप्ता, शशिकला चौहान, अनिशा चन्द्रेश्वरन और विशाखा सिंह अनुपस्थित मिलीं। केवल प्रधान सहायक चितरंजन प्रसाद, कान्ती वर्मा, मुख्य सेविका रेनू और पत्रवाहक सुजीत सिंह उपस्थित पाए गए। प्रभारी सीडीपीओ की अनुपस्थिति के कारण परियोजना की प्रगति की जानकारी नहीं हो सकी।इसी क्रम में करीब 11:30 बजे रसड़ा कार्यालय पहुंचे। यहां सीडीपीओ विशाल कुमार यादव तीन दिनों से अनुपस्थित थे। कर्मचारियों ने बताया कि उनका हस्ताक्षर पंजिका में था, लेकिन वे मौके पर नहीं थे। रचना त्रिपाठी, प्रियंका यादव और मुख्य सेविका नीलम सिंह भी गायब रहीं। सीडीपीओ की अनुपस्थिति से परियोजना कार्यों की जानकारी नहीं मिल सकी।डीपीओ ने पूरे मामले की जानकारी सीडीओ ओजस्वी राज को दी। सीडीओ ने बिना जानकारी के सीडीपीओ का वेतन जारी न करने का साफ निर्देश दिया। यह कार्रवाई विभाग में अनुशासन और उपस्थिति पर नकेल कसने का संकेत दे रही है।
























