प्राथमिक शिक्षा मानव विकास की नींव है-उपजिलाधिकारी
संजीव सिंह बलिया।शिक्षा क्षेत्र नगरा का अन्तर्गत “हमारा आंगन – हमारे बच्चे” कार्यक्रम का आयोजन का आरंभ आमंत्रण मैरिज हॉल गोठाई में मुख्य अतिथि रवि कुमार, उप जिला अधिकारी रसड़ा एवं राम प्रताप सिंह खंड शिक्षा अधिकारी नगरा द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रवि कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो प्राथमिक शिक्षा को चुनौती के रूप में लेना होगा तथा समाज के प्रत्येक घर और प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना होगा । यह शिक्षा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज का नेतृत्व कर सकती है । इससे नागरिकों के सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक दिशा में किया जा सकता है।
खंड शिक्षा अधिकारी नगरा ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिवार का प्रत्येक सदस्य बाल विकास विभाग के सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ समन्वय स्थापित करके शिक्षा को सुगम एवं उन्नत बनाएंगे । प्राथमिक विद्यालय कसेसर, प्राथमिक विद्यालय चक मिश्रौली ,कंपोजिट विद्यालय डिहवा तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बच्चियों ने क्रमशः सरस्वती वंदना ,स्वागत गीत, लोकगीत, एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में नव चयनित ए आर पी सुदीप कुमार तिवारी आशुतोष कुमार सिंह एवं शशिकांत सक्सेना को सम्मानित किया गया। सभी ए आर पी द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर अपने विचार व्यक्त किए तथा कार्यक्रम को दयाशंकर वरिष्ठ शिक्षक संकुल, अशोक कुमार वर्मा, मुख्य सेविका कांति वर्मा एवं सोनी गुप्ता, मीना देवी आंगनवाड़ी अनीता सिंह आंगनवाड़ी ने अपने-अपने उद्बोधन में बाल वाटिका तथा प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए । सभी निपुण बच्चों को प्रमाण पत्र, निपुण किट, कहानी पुस्तक,कलर बाक्स एवं स्टेशनरी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से बच्चा लाल जितेंद्र सिंह निर्मल वर्मा, बृजेश कुमार, सविता वर्मा ,काजल, रविंद्र सिंह, इंद्रजीत, जयप्रकाश मौर्य आदि हार्दिक शिक्षकों ने विशेष सहयोग प्रदान किया। पूर्व आरपी दयाशंकर ने निपुण शपथ कराया । कार्यक्रम का संचालन रामकृष्ण मौर्य ने किया अंत में सभी अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा किया । भारत माता की जय एवं वंदे मातरम के उद्घोष के साथ राष्ट्रगान करते हुए कार्यक्रम समाप्त हुआ।
























