शिक्षकों को प्रथम स्तर के परामर्शदाता के रूप में विकसित करने का काम कर रहा है एकीकृत प्रशिक्षण:मनीष कुमार सिंह
बलिया।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर गतिमान एकीकृत संपूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय में कार्य कर रहे हैं शिक्षकों को एक परामर्शदाता के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास में प्राथमिक विद्यालय में कार्य कर रहे शिक्षक बच्चों के स्तर के अनुरूप उनका विकास कर सकें।यह बातें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के उप शिक्षा निदेशक / प्राचार्य एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार द्वारा प्रशिक्षण के 13 वे बैच के पांचवें दिन समापन के अवसर पर प्रेषित की गई।अपने उद्बोधन में प्राचार्य ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्वेश्य शिक्षकों के अंदर संपूर्णता का विकास करना है ताकि बच्चों के प्रत्येक पहलू को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ढाला जा सके। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर मृत्युंजय सिंह तथा इस प्रशिक्षण के नोडल से रवि रंजन खरे द्वारा संयुक्त रूप से प्रयास करते हुए इस प्रशिक्षण को रोचक तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में समय से सहभागिता, प्रस्तुतीकरण तथा अनुशासन हेतु विभिन्न शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने की व्यवस्था है जिसके अंतर्गत इस बैच के प्रशिक्षण की समाप्ति पर प्राथमिक विद्यालय भरपूरवा रसड़ा के सुभाष, पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय रसड़ा की सुमन यादव ,कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय नूरपुर गड़वार की श्वेता सिंह ,कंपोजिट विद्यालय करमपुर बेरूआरबारी की पुनीता पाठक ,कन्या प्राथमिक विद्यालय चकिया नंबर दो बैरिया की अनुराधा मिश्रा, कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय नवानगर के ऋषि राजकुमार गोल्डन, कंपोजिट विद्यालय आशापुर के विनय कुमार सिंह ,प्राथमिक विद्यालय जगदेवा बैरिया के विशंभर कुमार, कंपोजिट विद्यालय खारिका रेवती के अनूप कुमार वर्मा ,प्राथमिक विद्यालय आसमानपुर रेवती के अमिताभ बच्चन ,कंपोजिट विद्यालय चौकनी बांसडीह के अग्निवेश तिवारी, कन्या प्राथमिक विद्यालय नागपुर रसड़ा के घनश्याम कुमार को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।संस्थान के प्रवक्ता डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता, अविनाश सिंह, राम प्रकाश ,देवेंद्र सिंह, जानू राम , भानु प्रताप सिंह,राम यश योगी,डा अशफ़ाक ,हलचल चौधरी, किरण सिंह तथा डॉक्टर शाइस्ता अंजुम द्वारा प्रशिक्षण को रोचक बनाते हुए गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग हेतु पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्र, संतोष कुमार तथा शिक्षक चंदन मिश्रा की भूमिका की भी प्राचार्य द्वारा प्रशंसा की गई।

