बलिया।नगरा PHC में छात्रा को डेढ़ घंटे तक नहीं मिला उपचार, ऑक्सीजन सिलेंडर भी खाली मिला

नगरा PHC में छात्रा को डेढ़ घंटे तक नहीं मिला उपचार, ऑक्सीजन सिलेंडर भी खाली मिला

 संजीव सिंह बलिया (नगरा): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा में बुधवार सुबह स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब इलाज के लिए पहुंची 11वीं की छात्रा अल्का पुत्री दिनेश राम कोदई को चिकित्सक के इंतजार में करीब डेढ़ घंटे तक रहना पड़ा। बाद में जब उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की गई, तो सिलेंडर खाली निकला।

बताया जाता है कि छात्रा सुबह साढ़े आठ बजे केंद्र पहुंची, लेकिन चिकित्सक कुछ देर बाद आए। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जब ऑक्सीजन देने की कोशिश हुई, तो केंद्र में रखा सिलेंडर खाली पाया गया। उसके बाद किसी तरह दूसरा सिलेंडर मंगवाकर उपचार शुरू किया गया।

परिजनों की शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग

समय पर उपचार न मिलने और केंद्र की व्यवस्था से आहत परिजनों ने परिचित के जरिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा जिलाधिकारी को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और छात्रा का इलाज शुरू हुआ। हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

अधिकारियों का बयान

प्रभारी चिकित्साधिकारी बब्बन यादव ने स्वीकार किया कि सुबह केंद्र के कमरे में रखा ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था। उन्होंने बताया कि बालिका सुबह साढ़े आठ बजे पहुंची थी, जबकि चिकित्सक कुछ देर बाद पहुंचे और हालत गंभीर होने पर उसे रेफर किया गया।

सीएमओ अभयनारायण राय के अनुसार, चिकित्सक के आने में करीब 20 मिनट का अंतर हुआ। उन्होंने कहा कि सिलेंडर में ऑक्सीजन समाप्त हो चुकी थी, इसलिए दूसरा सिलेंडर मंगाकर लगाया गया। उन्होंने बताया कि बच्ची जिला चिकित्सालय में भर्ती है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।

24 घंटे तैनाती के बावजूद सवाल

पीएचसी नगरा में चिकित्सक और फार्मासिस्ट की 24 घंटे तैनाती होने का दावा किया जाता है, लेकिन चिकित्सक की अनुपलब्धता और खाली ऑक्सीजन सिलेंडर की घटना ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पर उंगली उठा दी है। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग तेज हो गई है।

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