उसावां में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती, भव्य शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालु
चेयरपर्सन प्रियंका अनिल सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ, महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने का दिया संदेश
सत्य रथ | उसावां (बदायूं)
बदायूं जनपद के उसावां कस्बे में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के लोगों ने वार्ड संख्या सात स्थित शिव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का संगम देखने को मिला। महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के समक्ष नगर पंचायत चेयरपर्सन प्रियंका अनिल सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम एवं शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ किया।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने का आह्वान
इस अवसर पर चेयरपर्सन प्रियंका अनिल सिंह चौहान ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि तथा रामायण के रचयिता के रूप में पूजनीय हैं। उनकी शिक्षाएं हमें सत्य, धर्म, सदाचार, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का संदेश देता है कि व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों से महानता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करना चाहिए। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों से परिचित कराते हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी लोगों को जयंती की बधाई देते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
प्रमुख मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा
महर्षि वाल्मीकि मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा कस्बे के मोहल्ला यादवान, होली चौक, मुख्य बाजार, नगर पंचायत गेट चौराहा, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे और अकबरपुर तिराहे सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि एवं अन्य देवी-देवताओं के सुंदर स्वरूप धारण किए बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
शोभायात्रा के मार्ग में नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विभिन्न मार्गों से भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा वापस मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई।
आयोजन में इनकी रही प्रमुख भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य संयोजक बद्रीश कुमार वाल्मीकि, धीरपाल वाल्मीकि, साधुराम वाल्मीकि, विक्रम वाल्मीकि, रंजीत वाल्मीकि एवं रावित वाल्मीकि सहित वाल्मीकि समाज के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने महर्षि वाल्मीकि के प्रति आस्था और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
























