पूर्व कोटेदार की मौत पर भड़का आक्रोश, शव रखकर स्टेट हाईवे किया जाम
आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग, पुलिस के समझाने पर खुला जाम
उसावां (बदायूं)। हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से पूर्व कोटेदार की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जा रहे परिजनों ने स्टेट हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्रवाई होने तक विरोध जताया। अचानक लगे जाम से हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही थाना उसावां के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन जाम खोलने के लिए राजी हो गए, जिसके बाद हाईवे पर आवागमन बहाल हो सका। पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए अटैना गंगा घाट भेजने की व्यवस्था की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने परिजनों से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और दुख की इस घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की, ताकि परिवार को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।
हाईटेंशन लाइन के पास निर्माण पर उठाए सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने हाईटेंशन विद्युत लाइन के नजदीक भवन निर्माण कराए जाने के मामले में भी सवाल उठाए। उन्होंने आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन
पूर्व कोटेदार की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। हादसे के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाईवे पर जाम लगाए जाने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल, परिजनों की मांगों और हाईटेंशन लाइन के नजदीक निर्माण से जुड़े आरोपों को लेकर मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।
























