गांधी-शास्त्री जयंती पर न्यायालय परिसर से निकली प्रभात फेरी
पॉक्सो अधिनियम के प्रति बच्चों और आमजन को जागरूक करने का दिया संदेश
लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जनपद न्यायालय, लखनऊ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेशों के साथ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, 2012 के प्रति बच्चों एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से भव्य प्रभात फेरी निकाली गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मलखान सिंह ने की। उन्होंने लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा तथा न्यायिक अधिकारियों के साथ महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रति बच्चों को जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए विशेष विधिक साक्षरता अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में नेशनल इंटर कॉलेज, सेंटीनियल इंटर कॉलेज, लखनऊ क्रिश्चियन इंटर कॉलेज और नारी शिक्षा निकेतन के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी में सहभागिता की। जनपद न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर से प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभात फेरी में एलएडीसी के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक तथा न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रभात फेरी के माध्यम से पॉक्सो कानून की जानकारी, बच्चों की सुरक्षा और विधिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
























